अजमेर

Diwali 2023: ब्रांडेड की दर से ही बिक रहे छद्म नाम के पटाखे, असली-नकली के फेर में उलझे ग्राहक

Diwali 2023: दीपोत्सव पर करोड़ों रुपए का होने वाला पटाखों का कारोबार व्यापारियों के लिए जमकर दूध देती गाय-सरीखा हो चला है। पटाखे खरीदते वक्त ग्राहक द्वारा असली-नकली की पहचान पर ध्यान नहीं दिया जाता।

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Nov 11, 2023

Diwali 2023: दीपोत्सव पर करोड़ों रुपए का होने वाला पटाखों का कारोबार व्यापारियों के लिए जमकर दूध देती गाय-सरीखा हो चला है। पटाखे खरीदते वक्त ग्राहक द्वारा असली-नकली की पहचान पर ध्यान नहीं दिया जाता। जिसके चलते होलसेल व्यापारी से लेकर फुटकर व्यापारी तक नामी ब्रांड से मिलते-जुलते नाम व आकार के पटाखे बेचकर मनमाना मूल्य वसूल रहे हैं। दीपोत्सव पर शहर में ब्रांड विशेष के बम की बिक्री ज्यादा रहती है। ग्राहक ब्रांड के नाम का बम खरीदकर ले जाते हैं।


लेकिन तमिलनाडू के शिवाकाशी में निर्मित ब्रांडेड बम के नाम से बाजार में होलसेल व खुदरा व्यापारी कई मिलते-जुलते नाम के बम बेच रहे हैं। ग्राहक ब्रांड विशेष का बम मांगता है लेकिन दुकानदार उसको छद्म नाम से बना बम थमा रहे हैं। ब्रांड विशेष मांगने पर बम के बंद होने, कम आने का हवाला दिया जाता है। इसके बाद मनमानी रेट ली जाती है। शहर में नामी ब्रांड का बम पैकेट 70 से लेकर 100-110 रुपए तक बिक रहा है। लेकिन पटाखा कारोबारी इसी दर से उसके मिलते-जुलते नाम का प्रोडक्ट ग्राहकों को थमा रहे हैं।


असली-नकली में बड़ा झोल...
शहर में बिक रहे ब्रांड विशेष के नाम पर असली, नकली का भी बड़ा झोल है। ब्रांडेड बम मांगने पर व्यापारी मिलते-जुलते नाम का पटाखा थमा देता है। किसी ने देखा भी तो उसे ’यह उसी ब्रांड का पटाखा है’ कहकर भरोसा दिला दिया जाता है।


आखिर कौन जिम्मेदार...

जिला प्रशासन की ओर से पटाखों की बिक्री के लाइसेंस दिए जाते हैं। लाइसेंस में सुरक्षा मानकों में फायर सेफ्टी इंतजामों का सिर्फ कागजी हवाला दिया जाता है। अनदेखी के चलते पटाखा व्यवसायी मनमर्जी से बेरोकटोक मनमानी रेट वसूल रहे हैं। लेकिन मूल्य निर्धारण की जिम्मेदारी कोई विभाग नहीं ले रहा। जिम्मेदार अनजान बने हुए हैं।

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क्या कहते हैं व्यापारी

बाजार में नामी ब्रांडेड कम्पनी के अलावा भी मिलता-जुलता बम और पटाखे बिक रहे हैं। ग्राहक को उसकी डिमांड के अनुसार पटाखा दिया जाता है।
हरीश बंसल, पटाखा व्यवसायी

Published on:
11 Nov 2023 03:47 pm
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