अजमेर

डॉक्टर साहब क्वार्टर में यूं करते मिले प्रेक्टिस, अस्पताल से भी उठा रहे भत्ता

सरकार को करीब चार लाख रुपए प्रतिवर्ष का चूना लगा रहे हैं। फर्जीवाड़े के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।

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Sep 17, 2017
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महावीर भट़्ट/पुष्कर।

पुष्कर चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सकों की ओर से क्वार्टर में रोगियों से मनमानी फीस वसूलने के बाद भी प्रेक्टिस न करने का फर्जी अंडरटेकिंग देकर प्रतिमाह तनख्वाह के साथ नॉन प्रेक्टिस अलाउन्स (एनपीए) का भुगतान उठाने का गंभीर मामला सामने आया है। लम्बे समय से यह खेल चल रहा है। खास बात तो यह है कि सब कुछ जानकारी होने के बाद भी आला अफसर आंखें मंूदे सरकार को करीब चार लाख रुपए प्रतिवर्ष का चूना लगा रहे हैं। फर्जीवाड़े के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।

राजस्थान पत्रिका टीम ने स्टिंग ऑपरेशन कर इस खेल का पर्दाफाश किया। चिकित्सालय में हकीकत जानने का प्रयास किया तो मौके पर डॉ. सुधीर माहेश्वरी ड्यूटी के बाद अपने अपने क्वार्टर में बैठे रोगियों से फीस लेकर प्रेक्टिस करते पाए गए। जब एनपीए लेकर प्रेक्टिस करने की जानकारी चाही तो चिकित्सक अवाक रह गए, उन्होंने तुरन्त क्वार्टर बंद कर लिया और चिकित्सालय की लिपिकीय शाखा में जाकर जानकारी हासिल की। वहीं प्रभारी डॉ. आर. के. गुप्ता अपने क्वार्टर में रोगियों को देखते पाए गए। पत्रिका संवाददाता को देखते ही रोगी चले गए तथा डॉ. गुप्ता अकेले बैठे दिखाई दिए।

एनपीए का जमकर दुरुपयोग
चिकित्सालय के माह जुलाई १७ में चिकित्सकों को दी गई तनख्वाह के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो पुष्कर चिकित्सालय में वर्तमान में कुल दस चिकित्सक कार्यरत हैं। इनमें से डॉ. महेश दर्शन कालरा एवं इंदिरा शेखावत एनपीए राशि नहीं ले रहे हैं जबकि डॉ. छाया कालरा, डॉ. ईश्वर चौधरी, डॉ. भंवर दुर्गादत्त एनपीए राशि का भुगतान ले तो रहे हैं लेकिन फीस लेकर प्रेक्टिस नहीं कर रहे हैं।

चिकित्सालय के डॉ. आर. के. जोशी, डॉ. सुधीर माहेश्वरी, डॉ. प्रफुल्ल क्षत्रिय, स्वयं प्रभारी आर. के. गुप्ता सहित चार डॉ. डयूटी के अलावा समय में अपने क्वार्टर में बैठकर रोगियों को देखते हैं तथा रोगियों से अपने-अपने तरीके से फीस वसूल करते हैं। डॉ. मीनाक्षी धाकड़ पर अन्यत्र प्रेक्टिस करने का आरोप है। जबकि सरकारी रिकॉर्ड में इन प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों की ओर से प्रतिमाह क्वार्टर में प्रेक्टिस नहीं देने का अंडरटेकिंग देकर नॉन प्रेक्टिस अलाउन्स की राशि का भुगतान उठाकर सरकार व चिकित्सा विभाग को प्रतिवर्ष लाखों रुपए का चूना लगाना उजागर हुआ है।

ये है एनपीए

डॉ. महेश दर्शन कालरा ने बताया कि चिकित्सकों की ओर से प्रतिमाह एक अण्डरटेकिंग देकर यह बताना होता है कि वे फीस लेकर कही भी प्रेक्टिस नहीं कर रहे हैं। इसके बाद विभागीय स्तर पर ऐसे चिकित्सकों को उनकी मूल तनख्वाह का २५ प्रतिशत राशि का नॉन प्रेक्टिस अलाउन्स के रूप मेंअतिरिक्त राशि दी जाती है। लेकिन इस राशि का भुगतान लेने के बाद सम्बन्धित चिकित्सक कहीं पर भी रोगियों से फीस लेकर निजी प्रेक्टिस करता है तो वह गैर कानूनी है।

एन.पी.ए. नहीं देने के लिए मैंने मौखिक रूप ये कह दिया था फिर भी मुझे भुगतान कर रहे हैं तो मैं क्या करूं।

-डॉ. सुधीर माहेश्वरी, पुष्कर चिकित्सालय

मैंने पीसांगन से पुष्कर ज्वॉइन करने के बाद दो माह तक का एनपीए भुगतान लिया था। अभी नहीं ले रहा हूं।
-डॉ. आर. के. गुप्ता, प्रभारी चिकित्सालय पुष्करतनख्वाह के साथ एनपीए राशि लेने के बाद कोई डॉक्टर फीस लेकर प्रेक्टिस करता है तो पूरी तरह से गैर कानूनी काम है। प्रेक्टिस नहीं करने का अण्डरटेकिंग देने पर ही संंबंधित डॉक्टर को उसके मूल वेतन की २५ प्रतिशत अतिरिक्त राशि एनपीए के रूप में दी जाती है। इसके लिए डॉक्टर स्वयं जिम्मेदार होता है।

- डॉ. महेश दर्शन कालरा

मैं फीस लेकर प्रेक्टिस नहीं करता।
- डॉ. प्रफुल्ल क्षत्रिय पुष्कर इस बारे में मैं अधिकृत रूप से जवाब नहीं दे सकती, हमारे इंचार्ज से बात करें। एनपीए राशि लेकर फीस के साथ प्रेक्टिस करने के बारे में मुझे कुछ नहीं कहना है और न ही अपना कोई पक्ष रखना है।

-मीनाक्षी धाकड़, गायनिक चिकित्सक पुष्कर

Published on:
17 Sept 2017 12:44 pm
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