अजमेर

डॉक्टर ने डिप्लोमा कोर्स का झांसा देकर हड़पे 8 लाख रुपए

आदर्शनगर थाने में चिकित्सक सहित दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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Feb 06, 2025
युवक और शिक्षक से साइबर फ्रॉड (photo Patrika)

अजमेर(Ajmer News). भाई-बहन को प्रदेश के मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से डिप्लोमा इन रेडिएशन एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी कोर्स कराने का झांसा देकर 8 लाख रुपए की रकम हड़पने का मामला सामने आया है। पीडि़त ने आदर्शनगर थाने में आरोपी चिकित्सक व सहयोगी व्यक्ति के खिलाफ धोखाधडी़ और जाली दस्तावेज बनाने का मुकदमा दर्ज करवाया है।

पुलिस के अनुसार माखुपुरा हाल ब्यावर के युवराजसिंह रावत ने जयपुर के बगरू हाल माखुपुरा हटूंडी चौराहा श्री बालाजी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. बालकिशोर शर्मा ,जयपुर गोपालपुरा उड़ान एज्युकेशन के संचालक पीयुष कुमार पाण्डे(50) के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज कराया। युवराज ने रिपोर्ट में बताया कि 4 साल पहले माखुपुरा में डॉ. बालकिशोर शर्मा से उनके अस्पताल में पहचान हुई। डॉ. शर्मा ने डिप्लोमा इन रेडिएशन एण्ड इमेजिंग टेक्नोलॉजी कोर्स राजस्थान के मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कराने का झांसा देते हुए पीयुष पाण्डे से मिलवाया। उन्होंने उसे कोर्स के बाद सरकारी नौकरी लगने का झांसा दिया। कोर्स में 4 लाख रुपए का खर्च बताया। डॉ. शर्मा पर विश्वास कर उसने 4 लाख रुपए दे दिए। डा. शर्मा ने उसको 2 साल में कोर्स पूरा करवाकर परीक्षा दिलवाकर डिप्लोमा देने की बात कही। दो साल गुजरने पर उसने डा. शर्मा से कोर्स के संबंध में बात की तो कहा कि उसका अभी चयन नहीं हुआ है। डॉ. शर्मा ने मामला दबाने के लिए उसे अपने अस्पताल में जॉब दे दी।

फिर बहन को कोर्स का झांसा

युवराज ने बताया कि अस्पताल में काम करने के दौरान डॉ. शर्मा ने उसे उसकी बहन सपना को भी डिप्लोमा इन रेडियशन एण्ड इमेजिंग टेक्नोलॉजी कोर्स कराकर भविष्य बनाने की बात कही। बहन को भी कोर्स कराने के लिए बहनोई डूंगरसिंह ने 17 अप्रेल 2023 को 75 हजार, बहन की सास प्रभादेवी ने 85 हजार रुपए डॉ. शर्मा के खाते में जमा करवाए। बाकि 2 लाख 40 हजार रुपए के साथ पिता ज्ञानसिंह से बहन के दस्तावेज ले लिए।तब से वह अस्पताल में काम करता रहा लेकिन डॉ. शर्मा ने उसको वेतन नहीं दिया।

रकम मांगने पर धमकाया

समय बीतने पर युवराज ने डॉ. शर्मा से डिप्लोमा कोर्स के दस्तावेज नहीं देने पर 8 लाख रुपए मांगे। डॉ. शर्मा ने विश्वास के लिए एक इकरारनामा निष्पादित कर उसे नोटेरी पब्लिक से प्रमाणित कराया। जिसमें डिप्लोमा कोर्स के लिए 4 लाख रुपए व अस्पताल में काम का वेतन 7 लाख 20 हजार रुपए देने की बात कही। उन्होंने 2 माह में डिप्लोमा व अंक तालिका नहीं देने पर 2 लाख रुपए अतिरिक्त मिलाकर 13 लाख 20 हजार रुपए देने की बात कही। फिर कुछ समय बाद डॉ. शर्मा ने सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के दस्तावेज दिए। उसने बाहर की डिग्री का विरोध किया तो कहा कि जो दी है वो ले लो वरना झूठा मुकदमा दर्ज करवा जेल भिजवा दूंगा। रकम लौटाने की बात पर डॉ. शर्मा ने उसे धमकी दी।

Published on:
06 Feb 2025 08:38 am
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