राज्य सरकार में अजमेर को प्रतिनिधित्व तो हमेशा मिलता रहा मगर अजमेर जिले से पहली बार डॉ. रघु शर्मा को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है।
अजमेर. राज्य सरकार में अजमेर को प्रतिनिधित्व तो हमेशा मिलता रहा मगर अजमेर जिले से पहली बार डॉ. रघु शर्मा को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री का पद भी अजमेर जिले को पहली बार मिला है। केकड़ी विधायक डॉ. शर्मा के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री बनने से गृह जिले की भी उम्मीदें बढ़ गई है। खास बात यह कि चिकित्सा राज्य मंत्री बने डॉ. सुभाष गर्ग की भी अजमेर कर्मस्थली रही है वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के एमडी डॉ. समित शर्मा भी अजमेर निवासी हैं।
प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार में डॉ. शर्मा को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने के साथ ही जवाहर लाल नेहरू मेडिक कॉलेज, जेएलएन अस्पताल, राजकीय जनाना अस्पताल के साथ जिलेभर के चिकित्सा संस्थानों की दशा एवं स्थिति सुधरने की उम्मीद है। अस्पतालों में चिकित्सकों व स्टाफ के पूरे पद भरने, अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार आदि की संभावना भी बढ़ी है।
जिले का हर कोना ‘तिकड़ी’ की नजर में
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा जहां केकड़ी विधानसभा के सावर निवासी हैं, वहीं चिकित्सा राज्यमंत्री के रूप में डॉ. सुभाष गर्ग पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके हैं। एनएचएम के एमडी डॉ. समित शर्मा अजमेर निवासी हैं एवं जेएलएन मेडिकल कॉलेज के छात्र रह चुके हैं। ऐसे में अजमेर जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा के साथ मेडिकल कॉलेज में भी जिन सुविधाओं की कमी हैं उनमें विस्तार होने की संभावना है।
मेडिसिटी की योजना को लग सकते हैं पंख
अजमेर में मेडिसिटी बनाने की योजना पिछले डेढ़ दशक से लंबित है। जेएलएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से अजमेर विकास प्राधिकरण प्रशासन ने भी पूर्व में घूघरा हवाइपट्टी से आगे जमीन चिह्नित की थी। यहां जमीन कम पडऩे की स्थिति में पास ही और जमीन आवंटन की मांग भी की गई थी। राज्य सरकार को भी प्रस्ताव भेजा मगर कोई निर्णय नहीं हो पाया। मेडिसिटी के अन्तर्गत मेडिकल कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, नर्सिंग महाविद्यालय, कॉलेज स्तर का अस्पताल, स्पेशियलिटी सेन्टर, ट्रोमा सहित अन्य एक ही परिक्षेत्र में तैयार होने थे।