पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न चिह्न
अजमेर. देश का भविष्य कहे जाने वाले युवा नशे की लत के कारण जीवन तबाह कर रहा है। नशा खानाबदोश युवक-युवतियों की रगों में दौड़ रहा है। नशा करने के बाद युवक-युवतियां बेसुध होकर रोड पर पड़े रहते है। यह नजारा बारादरी, लाखन कोटडी क्षेत्र और दरगाह बाजार की गलियों में आसानी से देखा जा सकता है। ऐसे में खानाबदोश युवक-युवतियों तक नशा कैसे पहुंच रहा है। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। इसके कारण पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न चिह्न लग रहे है। ठोस कार्रवाई के अभाव में नशा करने वाले और उन्हें उपलब्ध कराने वाले लोग बेखौफ घूम रहे है। केस 1शहर के बारादरी स्थित उद्यान में दो युवती और एक युवक बैठकर व्हाइटनर से नशा कर रहे थे। सबके पास अपनी-अपनी शीशियां थी। कुछ देर में एक युवती उद्यान में ही बेसुध हो गई। वहां पर नशा कर रहे युवक-युवती वहां से चल दिए।लाखन कोटड़ी क्षेत्र की तंग गली में एक युवक कपड़े में लपेटकर व्हाइटनर का नशा कर रहा था। उसके आस-पास मकानों के बाहर बनी चबूतरियों पर कई युवक बेसुध पड़े हुए थे। एक युवती ने उठाने के लिए गाली-गलौच भी की।
दरगाह क्षेत्र की एक तंग गली में बैठे दो खानाबदोश युवकों ने अपनी जेब से दो पुडिया निकाली। चमकीले कागज में नशे का सामान था। उनकी नजर टीम पर पड़ते ही पुडिय़ा को जेब में रख ली और तुरंत वहां से चलते बने।