अजमेर

राजस्थान में तबाही के ‘तूफान’ के साथ बर्बादी की ‘बारिश’, अब यहां धूल भरी अंधड़ के साथ शुरू हुई बरसात

धूल भरी आंधी के साथ चली तेज हवा तथा बरसात शुरू हो गई है, पिछले 1 महीने से गर्मी भरे मौसम से राहत।  

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May 08, 2018

अजमेर। पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान में मौसम ने पलटा खा लिया है। राजस्थान के कई हिस्सों में सोमवार देर रात के बाद आए आधी के बवंडर के बाद जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। कई जगहों पर लोगों के अस्थाई कच्चे छप्पर उड़ गए। करीब 11.15 बजे 100 किमी प्रति घंटा की गति से आए अंधड़ से कई जगहों पर पेड़ पौधों भी धराशाही होने की सूचना है। वही कई जगहों पर रात में ही तो कुछ जगह अलसुबह से बारिश शुरू हो गई। धूल भरी तेज हवा के बाद अलसुबह गर्जना के साथ बौछारें पड़ने से लोगों की नींद खुल गई। पश्चिमी राजस्थान में चल रहे तेज अंधड़ भरे तूफान का असर पुष्कर में भी आ गया है। आपको बता दें कि राजस्थान के पुष्कर में अभी-अभी मिट्टी से अंदर से भरी तेज हवाएं चली तथा बरसात शुरू हो गई है यह तूफान का असर माना जा रहा है। यही कारण है कि अभी अभी अल सवेरे ही तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चली तथा कुछ समय बाद ही तेज बरसात शुरू हो गई है। वर्तमान में बरसात हो रही है। बरसात के कारण फूल ओढ़नी तो बंद हो गई है लेकिन पिछले 1 महीने से गर्मी की तपन से राहत जरूर मिली है।

तेज अंधड़ से पीपल का पेड़ और बिजली का पोल हुआ धराशाही

पुष्कर के अलावा पूरे राजस्थान में इस तबाही के तूफान का असर देखा जा सकता है। खाटूश्यामजी क्षेत्र में आधी रात बाद आये तूफान ने लोगों की नींद उड़ा दी । रात 3 बजे करीब धूल भरी हवाओं के साथ आये तेज अंधड़ के चलते श्याम बाबा मन्दिर के पास मुख्य मार्ग पर बिजली का पोल और सौ साल पुराना पीपल का पेड़ धराशायी हो गया। वही शादी के लिए लगाए गए टैंट भी गिर गए। साथ ही अनेक स्थानों पर टिनशेड, होर्डिंग आदि रास्तों पर पड़े हुए नजर आए। लोगों का कहना था कि यह तूफान दिन में आता तो जनहानि भी हो सकती थी।

गौरतलब है कि मौसम विभाग ने आशंका जताई थी कि 5 से 8 मई के बीच राजस्थान, पश्चिमी प्रदेश, दिल्ली और चंडीगढ़ में धूलभरी आंधी और गरज के साथ बारिश हो सकती है। इस तूफान का खतरा अभी 10 जिलों पर मंडरा रहा है। मौसम केंद्र के अनुसार हिमालय तराई क्षेत्र में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले 48 घंटों में प्रदेश में तूफान के रूप में आ सकता है। जैसलमेर , बीकानेर , चूरू, श्रीगंगानगर, नागौर, जालोर, भीलवाड़ा, बूंदी, जोधपुर , बाड़मेर इन जिलों में तूफान का असर रहे सकता हैं। ये कहना भी गलत नहीं होगा कि आने वाले 48 घंटे राजस्थान की जनता के लिए भारी हैं।

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Published on:
08 May 2018 08:15 am
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