अजमेर

राजनीतिक चश्मा लगाकर भाजपा ने किया था पाठ्यक्रम में बदलाव

बातचीत : शिक्षा मंत्री डोटासरा ने कहा,- जनता व अभिभावकों की डिमांड पर कांग्रेस सरकार ने किया पाठ्यक्रम में संशोधन - बारहवीं में नहीं पढ़ाई जाएगी पकौड़ा तलने वाली गणित, हम इंजीनियर बनाने वाली गणित पढ़ाएंगे
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Jun 04, 2019
ajmer education minister
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अजमेर. प्रदेश के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि भाजपा ने राजनीतिक चश्मा लगाकर पाठ्यक्रम में बदलाव किया था। कांग्रेस अब पाठ्यक्रम में संशोधन का काम कर रही है। कांग्रेस ने उच्च स्तरीय समिति गठित की है। हम पाठ्यक्रमों में राजनीति का चश्मा लगाकर बदलाव नहीं करेंगे। पाठ्यक्रम की समीक्षा एक सतत् प्रक्रिया है। शिक्षा में राजनीति नहीं होनी चाहिए। अजमेर में सोमवार को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की दसवीं कक्षा का परिणाम जारी करने के बाद पत्रकारों से मुखातिब डोटासरा ने यह बात कही।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बदलाव पर कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी सत्ता संभालते ही शिक्षा नीति में बदलाव की बात करते हैं। महज 24 घंटे में देश की शिक्षा नीति बदलना संभव नहीं है। वास्तव में भाजपा मार्केटिंग में एक्सपर्ट है। उन्होंने प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में पाठ्यक्रम बदलाव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पुस्तकों में कश्मीर और सिक्किम का नक्शा गायब है। 12 वीं कक्षा की गणित में कई गलतियां हैं। ऐसे गणित पढ़कर महज पकौड़ा तलने वाले विद्यार्थी तैयार होंगे। हम ऐसी गणित पढ़़ाना चाहते हैं जो देश में इंजीनियर और चिकित्सक तैयार करे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने आरएसएस विचारधारा थोपने के लिए पाठ्यक्रम तैयार कराया। उनकी ऐसी नीतियों की वजह से जनता ने विधानसभा चुनाव में उनसे सत्ता छीन ली। प्रदेश में वही शिक्षा पढ़ाई जाएगी जो जनता और विद्यार्थियों के अभिभावक पढ़ाना चाहते हैं।

राष्ट्रीय नीति 24 घंटे में नहीं बनती

डोटासरा ने कहा कि पीएम मोदी 30 मई को सत्ता संभालते ही शिक्षा नीति में बदलाव की बात करते हैं। शिक्षा नीति केंद्र सरकार तय कर सकती है, लेकिन राज्य स्तरीय नीति में दखल नहीं दे सकती है। वैसे भी राष्ट्रीय नीतियां 24 घंटे में नहीं बनती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शिक्षा नीति का अध्ययन करेगी। अगर कुछ सुझाव सकारात्मक होंगे तो उसे स्वीकार किया जाएगा। अगल गलत नीति होगी तो उसकी खिलाफत की जाएगी।

फीस पर लगाएंगे अंकुश

उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों की बेतहाशा बढ़ती फीस को लेकर सरकार गंभीर है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर जल्द एक कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी प्रदेशभर के स्कूलों की फीस की समीक्षा कर रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद सरकार स्कूलों की फीस पर लगाम कसने के लिए विधानसभा में बिल पारित करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने फीस पर अंकुश लगाने के गंभीरता से प्रयास नहीं किए। तत्कालीन सरकार का एक्ट किसी काम का नहीं था। डोटासरा ने कहा कि जल्द ही राज्य में ट्रांसफर पॉलिसी बनाई जाएगी। शिक्षकों के तबादले उसी के अनुरूप होंगे।

Published on:
04 Jun 2019 05:50 am