अजमेर

खौफनाक हादसा : सड़क पर बिखरे शव, किसी का धड़ से अलग हुआ सिर तो कई खून से लथपथ लटके रहे सीटों पर

डम्पर से बस की भिड़ंत के बाद सड़क पर शव बिखर गए।
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Updated: 9 Jul 2018, 9:46 AM IST
Eight people died in road accident in ajmer
सड़क पर बिखरे शव, किसी का धड़ से अलग हुआ सिर तो कोई खून से लथपथ सीटों पर लटके रहे

अजमेर. डम्पर से बस की भिड़ंत के बाद सड़क पर शव बिखर गए। यहां वैल्डिंग का काम करने वाले गंगाराम (60) और उसके साथियों ने दुर्घटनाग्रस्त बस में लटके घायलों को बाहर निकाला व सड़क पर बिखरे शव को उठाया। गंगाराम ने बताया कि हादसे के बाद सीमेंट व कंकरीट से भरा डम्पर पलट गया। दो यात्रियों के शव बाहर सड़क पर गिर गए जबकि अन्य यात्री लहूलुहान हालत में सीट पर लटके हुए थे।

बस-डम्पर चालक हुए फरार
हादसे में बस का चालक सुरेन्द्र चौधरी था लेकिन वह न तो घटनास्थल पर मिला न ही अस्पताल पहुंचा जबकि डम्पर के चालक का पता नहीं चल सका। इधर शिनाख्त में जुटी मांगलियावास व कोतवाली थाना पुलिस ने देर शाम तक चार शवों को पोस्टमार्टम करवा परिजन के सुपुर्द कर दिया।

धड़ से सिर अलग, नहीं हुई पहचान
हादसे में एक यात्री का सिर धड़ से अलग हो गया। शव को जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। देर शाम तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। जबकि हादसा इतना जबदस्त था कि दो-तीन शवों के शरीर से हाथ, पैर तक अलग हो चुके थे।

जयपुर में इंजीनियर

मृतकों में शामिल यूपी कन्नौज निवासी अरुण कुमार जयपुर की एसबी इंजीनियरिंग में कार्यरत है। अरुण की जेब से मिले पहचान पत्र से उसकी शिनाख्त हुई जबकि ब्यावर निवासी ताराचन्द की उसके मोबाइल फोन से पहचान संभव हो सकी।


छोटी पड़ गई वैकल्पिक कैज्युल्टी

संभाग मुख्यालय के सबसे बड़े जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की वैकल्पिक आपातकालीन इकाई (कैज्युल्टी) बस-डम्पर भिड़ंत में गंभीर रूप से घायलों के पहुंचने से छोटी पड़ गई। पर्याप्त स्ट्रेचर/ट्रॉली की व्यवस्था तो की गई मगर 20 से अधिक घायलों व 6 मृतकों के चलते एक बार की संकट उत्पन्न हो गया। हालांकि उपचार के साथ वार्डों में शिफ्ट करने से कुछ राहत मिल पाई।

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