अजमेर डिस्कॉम ने 3.80 लाख में से 2.63 लाख किसानों का ब्यौरा जुटाया 10 माह में दे चुके हैं 196 करोड़ की सब्सिडी
अजमेर. अजमेर विद्युत वितरण निगम (ajmer discom) ने सहित अन्य बिजली कम्पनियां अपने कृषि उभोक्ताओं को उनके बिल (Electricity bill) में दी जाने वाली सब्सिडी(subsidy ) (डीबीटी) की राशि अब सीधे ही उपभोक्ता के खाते में डालने की योजना बना रही है। निगम अब तक अपने 3 लाख 80 हजार कृषि उपभोक्ताओं में से 2 लाख 63 हजार कृषि उपभोक्ताओं के बैंक खातों ( farmers' account)का ब्यौरा एकत्रित कर लिया है। करीब सवा लाख उपभोक्ताओं में कई के बीच विवाद चल रहा है तो किसान अपने बैंक खाते का ब्यौरा ही नहीं दे रहे। निगम नवम्बर 2018 से अब तक 196 करोड़ राशि डीबीटी के रूप में किसानों के बिलों में दे चुका है। किसान को प्रतिमाह उसके बिल में 815 रुपए की राशि डीबीटी के रूप में छूट में दी जाती है।
घोषणा कर भूली सरकार,8021.48 करोड़ बकाया
सरकार ने किसानों को सस्ती दर पर बिजली देने की घोषणा नवम्बर 2018 में कर दी। इसकी पालना में अजमेर डिस्कॉम अब तक किसानों को 196 करोड़ रुपए की राशि सब्सिडी के रूप में दे चुका है। लेकिन सरकार ने इसकी भरपाई अब तक नहीं की। सरकार पर अब तक अजमेर डिस्कॉम की 1558.78 करोड़, जयपुर डिस्कॉम की 2301.94 करोड़ रुपए तथा जोधपुर डिस्कॉम की 4160.76 करोड़ रुपए की सब्सिडी लम्बे समय से बकाया चल रहा है। इससे बिजली कम्पनियों की हालत खस्ता है। तीनों बिजली कम्पनियों पर 8021.48 करोड़ रुपए की सब्सिडी बकाया है।
सीएस के साथ होने वाली बैठक स्थगित
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 19 सितम्बर को जयुपर में बिजली कम्पनियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर होने वाली बैठक स्थगित हो गई है। इस दौरान एग्रीक्चर टैरिफ सब्सीडी, वल्र्ड बैंक से लोन,ग्रांट,टैरिफ पिटीशन, छीजत, एलपीएस चार्ज,सरकारी विभागों पर बिजली के बकाए सहित अन्य विषयों पर चर्चा होनी थी।