अजमेर

नहीं मिल रहे कॉलेज के लिए प्रिंसिपल, हालात दिन पर दिन हो रहे खराब

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Feb 03, 2019
principal post vacant
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अजमेर.

तकनीकी शिक्षा विभाग को प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए प्राचार्य नहीं मिल रहे। कई शिक्षकों के नाम पर पेच फंस गया है। इनमें सर्वाधिक पेचीदगी बॉयज इंजीनियरिंग कॉलेज को लेकर है। इसके चलते प्राचार्यों की जल्द नियुक्ति मुश्किल है।

तकनीकी शिक्षा विभाग ने अजमेर के बॉयज और महिला सहित बांसवाड़ा, झालवाड़ और अन्य कॉलेज में प्राचार्य भर्ती के लिए बीते वर्ष फरवरी में आवेदन मांगे थे। एक साल बीतने के बावजूद प्राचार्यों की नियुक्तियां नहीं हुई है। राज्य सरकार ने पिछले दिसंबर में सरकार ने कॉलेज की ‘खराब’ स्थिति को देखते हुए इनकी समीक्षा कराने का फैसला किया । तकनीकी शिक्षा मंत्रालय ने प्रदेश के बांसवाड़ा, भरतपुर, अजमेर, झालावाड़, जोधपुर, बीकानेर, बारां और अन्य इंजीनियरिंग कॉलेज से रिपोर्ट मांगी। इनमें कॉलेज में कार्यरत शैक्षिक और अशैक्षिक कार्मिकों का वेतनभार, एक्रिडिटेशन के लिए 80 प्रतिशत पदों की स्थिति, न्यूनतम वित्तीय भार, विद्यार्थियों की फीस से होने वाली आय, स्वायत्तशासी समिति द्वारा लगाए गए कार्मिकों की स्थिति और अन्य बिन्दु शामिल थे।

शिक्षकों के नाम पर पेच
तकनीकी शिक्षा विभाग विभिन्न कॉलेज के लिए प्राचार्य नहीं तलाश पाया है। कई शिक्षकों के नाम पर पेच फंस गया है। विभाग में जिन शिक्षकों के नाम पर चर्चा हुई, उनके खिलाफ अनियमितताओं की कई शिकायत पहुंची हुई हैं। इसके अलावा शैक्षिक योग्यता भी आड़े आ रही है। कुछेक मामलों में कोर्ट केस भी लंबित हैं। ऐसे में विभाग चाहकर भी प्राचार्यों की नियुक्ति नहीं कर पाया है।

अजमेर की सर्वाधिक पेचीदा स्थिति

अजमेर के बॉयज इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थिति सबसे अलग है। यहां तीन साल से स्थाई प्राचार्य नहीं है। डेढ़ साल साल से राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय को प्रो. रंजन माहेश्वरी कार्यवाहक जिम्मेदार संभाले हुए हैं। बीते साल फरवरी में जारी विज्ञापन और शैक्षिक योग्यता को लेकर याचिका भी दायर हुई है। कॉलेज के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग ने जिन नामों पर विचार किया उनके खिलाफ शिकायतें मिल चुकी हैं। इसी तरह राजकीय महिला इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. अजयसिंह जेठू दिसंबर 2017 में में इस्तीफा देकर वापस एमएनआईटी लौट चुके हैं। उनकी जगह प्रो. माहेश्वरी के पास अतिरिक्त जिम्मेदारी है। वे भी बीते साल हुए आंदोलन के बाद महिला कॉलेज से इस्तीफा सौंप चुके हैं।

Published on:
03 Feb 2019 06:33 am