पीहर पक्ष ने दर्ज कराया था दहेज हत्या का मामला। दो माह बाद पुलिस चेन्नई से युवक सहित युवती को लेकर आई घर।
अजमेर से करीब दो माह पूर्व ससुराल से रहस्यमय हालत में गायब हुई विवाहिता ब्यावर लौटी तो परिजन उसे देख अचंभित रह गए। वे उसे मृत मान चुके थे। पीहर पक्ष ने तो ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का मामला भी दर्ज करा दिया था।
सिटी थाना पुलिस दो माह से मामले की जांच कर रही थी। मंगलवार शाम पुलिस की टीम विवाहिता तथा एक युवक को चेन्नई से पकड़कर लाई। मामले की जानकारी मिलते ही पीहर व ससुराल पक्ष के लोगों का थाने के बाहर जमावड़ा हो गया। महिला ने पुलिस को लिखित में युवक के साथ जाने की बात कही। दोनों पक्षों से वार्ता कर उसे युवक के साथ भेज दिया।
सेन्दड़ा रोड जमालपुरा निवासी माया का विवाह करीब पांच साल पूर्व अजमेर के डिग्गी बाजार माली मोहल्ला निवासी राकेश उर्फ फूलचंद के साथ हुआ। माया के पिता ने पुलिस को दी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि शादी के बाद से राकेश उसे दहेज के लिए परेशान करता था।
इस कारण एक बार अलवर गेट महिला थाने में शिकायत दी। बाद में मामला समझाइश से शांत हो गया। इसी दौरान गत 10 अप्रेल को माया लापता हो गई। उसके पिता आनन्द सिंह ने ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग पूरी नहीं करने पर बेटी को मारकर लाश छुपा देने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया।
दो महीने से रह रही थी
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि माया चेन्नई के नेल्लूर शहर में देखी गई है। सिटी थाने की टीम मंगलवार को मुखबिर के बताए पते पर पहुंची, जहां पुलिस ने उसके कमरे में दबिश दी। यहां माया मिल गई। वह एक युवक के साथ दो माह से रह रही थी। पूछताछ में पता चला कि युवक जमालपुरा निवासी विष्णु चौहान है। वह चेन्नई में निर्माण एजेंसी के कार्य में लगा है। पुलिस दोनों को ब्यावर ले आई। इसकी जानकारी मिलते ही परिवार के लोग थाने पहुंच गए।
दे चुकी थी तलाक
पूछताछ में पता चला कि उसने काफी समय पहले राकेश उर्फ फूलचंद को तलाक दे दिया था। इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। उसने थानाधिकारी यशवंत सिंह को बताया कि उसने विष्णु के साथ शादी कर ली है। अब उसी के साथ रहेगी। दोनों पक्षों के लोगों से वार्ता कर पुलिस ने विष्णु के साथ माया को घर भेज दिया।