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Big Alert: जनगणना में फर्जीवाड़ा से बचने अलर्ट जारी, कोई भी क्यूआर कोड नहीं करें स्कैन

Big Alert: अन्य क्यूआर कोर्ड को स्कैन नहीं करें। प्रदेश के जनगणना निदेश कार्तिकेय गोयल ने कहा, जनगणना की पूरी प्रक्रिया में किसी भी नागरिक से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

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Big Alert: जनगणना में फर्जीवाड़ा से बचने अलर्ट जारी, कोई भी क्यूआर कोड नहीं करें स्कैन

जनगणना में फर्जीवाड़ा से बचने अलर्ट जारी (Photo AI)

Big Alert: छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन स्व-गणना का काम 30 अप्रैल तक होगा। इसके बाद 1 मई से गणनाकर्मी घर-घर दस्तक देकर परिवार और संपत्ति से जुड़ी जानकारी लेंगे। इस दौरान होने वाली कथित फर्जीवाड़ा को ध्यान में रखते हुए जनगणना कार्यालय ने अपनी तरह से पूरी तैयारी कर रखी है। इस बार सभी गणनाकर्मियों को अलग से एक आईडी दी जाएगी।

कोई भी जानकारी देने से पहले आईडी देख सकता है। इसके अलावा यह भी सलाह दी गई है कि किसी भी अन्य क्यूआर कोर्ड को स्कैन नहीं करें। प्रदेश के जनगणना निदेश कार्तिकेय गोयल ने कहा, जनगणना की पूरी प्रक्रिया में किसी भी नागरिक से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा, जनगणना का उद्देश्य सटीक आंकड़े जुटाकर विकास योजनाओं को मजबूत आधार देना है।

जनगणना को समझिए आसान भाषा में स्व-जनगणना क्या है और क्या यह अनिवार्य है?

  • स्व-जनगणना एक सुविधा है, जिसमें लोग खुद अपनी जानकारी भर सकते हैं। यह पूरी तरह वैकल्पिक है, अनिवार्य नहीं।

1 मई से 30 मई के बीच क्या होगा?

  • इस दौरान गणनाकर्मी घर-घर जाकर ऐप के माध्यम से मकान और परिवार से जुड़ी जानकारी दर्ज करेंगे। यदि किसी ने स्व-गणना की है तो उसकी जानकारी का सत्यापन भी किया जाएगा।अगर किसी ने स्व-जनगणना नहीं की तो क्या होगा?
  • ऐसी स्थिति में भी कोई समस्या नहीं है। गणनाकर्मी घर जाकर पूरी जानकारी एकत्र करेंगे और किसी प्रकार की पेनल्टी नहीं लगेगी।

क्या जनगणना के लिए कोई दस्तावेज जरूरी है?

  • नहीं, जनगणना में किसी भी प्रकार के दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होती। जानकारी उत्तरदाता के बताए अनुसार ही दर्ज की जाती है।डेटा की सुरक्षा को लेकर क्या भरोसा है?
  • सभी जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूरी तरह गोपनीय रहती है। यह डेटा एन्क्रिप्टेड होता है और सुरक्षित सर्वर पर रखा जाता है।क्या इस जानकारी का उपयोग टैक्स, पुलिस या जांच में होगा?
  • नहीं, यह जानकारी केवल सांख्यिकीय और विकास कार्यों के लिए उपयोग होती है। इसे किसी भी जांच या टैक्स से नहीं जोड़ा जाता।

नागरिक खुद भर सकेंगे अपनी जानकारी

मुख्य सचिव ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपनी जानकारी स्वयं भरकर जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभाएं। राज्य में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर दिया गया है। आज अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ ने भी स्व-जनगणना के तहत अपनी जानकारी पोर्टल पर जानकारी दर्ज की। स्व-गणना के लिए se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर आसानी से विवरण भरा जा सकता है।

मुख्य सचिव ने कहा है कि यह पहल जनगणना प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और अधिक विश्वनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे लोग अपनी सही और पूरी जानकारी स्वयं साझा कर सकेंगे। स्व-गणना अवधि समाप्त होने के बाद, 1 मई से 30 मई तक जनगणना टीम घर-घर जाकर लोगों से जानकारी एकत्रित करेगी। प्रगणक घर-घर आकर जानकारी दर्ज करेंगे। हर मकान की जानकारी दर्ज की जाएगी।