अजमेर

‘तेज़ तर्रार’ फारूख अब्दुल्ला ने राजस्थान में गुर्जर आरक्षण पर बोल डाली ये बड़ी बात

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Feb 10, 2019
Farookh Abdullah reacts on Gujjar Reservation in Rajasthan

अजमेर।

जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने राजस्थान में गुर्जर आंदोलन पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि यह मसला तुरंत सुलझना चाहिए। अब्दुल्ला रविवार को यहां अजमेर में सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। राजस्थान में चल रहे गुर्जर आंदोलन पर पूछे गए सवाल पर राजस्थान प्रदेश अमनो अमान का प्रदेश है। यहां गुर्जर आंदोलन जैसे हालात बने यह चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि यह मसला तुरंत सुलझना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह जयपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से इस मसले पर बात करेंगे और मामले को सुलझाने के लिए रास्ता निकालने को कहेंगे।

एक अन्य सवाल के जवाब में अब्दुल्ला ने कहा कि आने वाले वर्षों में देश में किसानों का मसला भी हल होगा। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान को बताते हुए कहा कि किसान बच गया, समझो भारत बच गया। अब्दुल्ला शनिवार देर रात अजमेर पहुंचे और सुबह छह बजे ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पहुंचकर उनकी बारगाह म़े हाजिरी लगाई, अकीदत के फूल एवं मखमली चादर पेश की। उन्हें जियारत उनके पारिवारिक खादिम फखरे मोईनी ने कराई।

'घाटी में अमन के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत की जरुरत'
जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने कश्मीर के हालातों में सुधार बताते हुए कहा है कि घाटी में अमन बनाए रखने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत और समझौता करने की जरुरत है। अब्दुल्ला ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से कहा कि कश्मीर के हालातों में सुधार हुआ है और घाटी में अमन बनाए रखने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत और समझौता दोनों करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम इमरान खान के साथ बातचीत होगी इसका उन्हें पूरा भरोसा है। पाक अधिकृत कश्मीर के समर्थन में उनके रुख पर किये सवाल पर अब्दुल्ला ने कहा कि वह हिंदुस्तानी मुसलमान हैं और कश्मीर का मुद्दा राजनीतिक मसला है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि कश्मीर का हल बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है। उन्होंने देश में लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने की वकालत करते हुए कहा कि चुनाव के इंतेजामात एक जैसे ही होते हैं। ऐसे में चाहे कश्मीर हो या अन्य कोई प्रदेश चुनाव कराए जाने की व्यवस्था एकसाथ की जानी चाहिए।

ईवीएम मशीन के सवाल पर उन्होंने कहा कि ईवीएम मशीन चोर है। उन्होंने कहा कि मशीन के जरिए वोट दूसरे को जा रहे है, इसकी पुख्ता जानकारी जब वह स्वयं कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे तो उन्हीं के मंत्री द्वारा एक आला अफसर से पूछने पर इस बात का खुलासा हुआ। उन्होंने कहा कि ईवीएम मशीन पर नियंत्रण बना रहना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि भारत ने इस मशीन को अपनाया है लेकिन बहुत से देशों ने इसे नकार दिया क्योंकि मशीन में दूसरे को सहजता से वोट डलवाया जा सकता है।

Published on:
10 Feb 2019 01:24 pm