राजस्थान में पहली बार गर्मियों में पहुंचे फ्लेमिंगो

अमूमन सर्दियों में राजस्थान आने वाले ग्रेटर फ्लेमिंगो (हंसावर) पक्षियों ने इस बार गर्मियों में भी हमें मेजबानी का मौका दिया है। कच्छ के रन (गुजरात) से आने वाले इन पक्षियों को इन दिनों राजस्थान के विभिन्न झील-तालाबों पर परवाज भरते देखे जा सकता है।

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Jul 31, 2016
flemingo

अमूमन सर्दियों में राजस्थान आने वाले ग्रेटर फ्लेमिंगो (हंसावर) पक्षियों ने इस बार गर्मियों में भी हमें मेजबानी का मौका दिया है। कच्छ के रन (गुजरात) से आने वाले इन पक्षियों को इन दिनों राजस्थान के विभिन्न झील-तालाबों पर परवाज भरते देखे जा सकता है।

खास कर अजमेर की आनासागर झील, किशनगढ़ की गुंदोलाव झील सहित नागौर के कुचामन, नावां क्षेत्र और जयपुर के जलमहल, सांभरलेक, चंदलाई में इन पक्षियों ने डेरा डाला है।

मनमोहक दृश्य

गर्मी और बरसात के दिनों में इन पक्षियों के यहां आने से झील-तालाबों के आस-पास का दृश्य मनमोहक नजर आ रहा है। पिकनिक मनाने के लिए झील किनारे जाने वाले लोगों को यह पक्षी झुंड के रूप में शिकार की तलाश में मचान पर बैठे हुए या फिर आसमान पर मंडराते नजर आ रहे हैं। साथ ही पर्यटकों को भी अपनी तरफ खींच रहे हैं।

इसलिए आएरविन्द्र तोमर

अजमेर के पक्षीविद् महेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि सितम्बर-अक्टूबर में इन पक्षियों का ब्रिडिंग सीजन होता है। फ्लेमिंगो बड़ी संख्या में कच्छ में ही ब्रीड करते हैं। इससे पहले भोजन की तलाश में यह पक्षी दूसरे उन स्थानों पर जाते हैं जहां इनका आहार आसानी से उपलब्ध हो जाता है। ब्रिडिंग सीजन में सभी फ्लेमिंगो कच्छ वापस पहुंच जाएंगे।

उनका मानना है कि फ्लेमिंगो को कच्छ के रन में इस बार मुफीद मौसम नहीं मिला होगा। इसलिए राजस्थान के उक्त स्थानों पर यह पक्षी आए हैं। उनका कहना है कि किशनगढ़ की गुंदोलाव जैसी झील में वेटलेंड मिलने से भी यह पक्षी यहां आना पसंद करते हैं।

मिलने लगा वातावरण

आजकल ज्यादातर झील-तालाबों में गंदगी के कारण पानी खारा होता जा रहा है। गुजरात के रण में इन पक्षियों को नमक के कारण जो वातावरण मिलता है, वह अब यहां भी मिलने लगा है। इसलिए यह पक्षी मौसम के विपरित भी आने लगे हैं।

रविन्द्र तोमर, पक्षी विशेषज्ञ, कोटा

Published on:
31 Jul 2016 01:42 am
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