
अजमेर। मेडिकल कोर्स में प्रवेश की राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा से एक दिन पहले शनिवार को अजमेर में नीट के पेपर के नाम पर साइबर ठगी की कोशिश का मामला सामने आया है। जालसाज ने छात्रा को कॉल कर नीट का प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का दावा करते हुए वीडियो कॉल पर कथित पेपर दिखाकर 30 हजार रुपए की मांग की। मामले की सूचना पर छात्रसंघ अध्यक्ष ने जिला पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में प्रश्न पत्र को फर्जी माना है। हालांकि साइबर सेल के माध्यम से पूरे प्रकरण की पड़ताल शुरू की गई है।
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डीएवी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष एवं एबीवीपी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कृष्णा सिंह ठाकुर ने बताया कि कॉलेज की प्रथम वर्ष की एक छात्रा के मोबाइल फोन पर अज्ञात नम्बर से कॉल करने वाले ने उसके पास री-नीट परीक्षा का पूरा प्रश्न पत्र होने व परीक्षा से पहले उपलब्ध कराने का दावा किया। जब छात्रा ने प्रमाण मांगा तो आरोपी ने वीडियो कॉल कर कथित प्रश्न पत्र दिखाया। छात्रा को मामला संदिग्ध लगने पर उसने इसकी जानकारी छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्णा सिंह ठाकुर को दे दी।
छात्रसंघ अध्यक्ष ने स्वयं आरोपी से संपर्क किया तो आरोपी ने नीट का पूरा पेपर उपलब्ध कराने के बदले 30 हजार रुपए की मांग करते हुए भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेज दिया। आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए केवल वीडियो कॉल से बात कर रहा था। भीलवाड़ा में भी इस तरह का मामला सामने आ चुका है। जहां छात्रों से 4-4 हजार रुपए लेकर प्रश्न पत्र देने का झांसा दिया गया।
छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्णा सिंह ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) हिमांशु जांगिड़ को जानकारी देते हुए साक्ष्य भी मुहैया करवाए। पुलिस की साइबर सेल ने मोबाइल नंबर, फोन-पे क्यूआर कोड तथा वीडियो कॉल के जरिए दिखाए कथित प्रश्न पत्र की सत्यता की जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर पेपर बेचने की सूचना मिलते ही आला अधिकारी व पुलिस मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है। स्थानीय स्तर पर साइबर सेल जांच कर रही है। अभ्यर्थियों से किसी भी व्यक्ति से पेपर लीक या प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने के दावे पर विश्वास न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या मांग की सूचना पुलिस और साइबर सेल को दें।