
पीजी हॉस्टल और अत्याधुनिक एमआरआई सेंटर का लोकार्पण करते हुए। फोटो- पत्रिका
जोधपुर। गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज की नई बिल्डिंग के उद्घाटन के अवसर पर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने सरकारी अस्पतालों की चुनौतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में ज्यादातर ऐसे मरीज पहुंचते हैं, जिनकी हालत पहले से बेहद गंभीर होती है। कई बार निजी अस्पताल इलाज से इनकार कर देते हैं या फिर अधिक खर्च के कारण मरीज सरकारी अस्पतालों का सहारा लेते हैं। खींवसर ने कहा कि इमरजेंसी और क्रिटिकल मरीजों का उपचार करना सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे मामलों में मरीजों के बचने की संभावना सामान्य मरीजों की तुलना में कम रहती है।
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उन्होंने कहा कि इसके बावजूद जब कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी चर्चा ज्यादा होती है, जबकि गंभीर मरीजों को लगातार बेहतर उपचार देने के प्रयासों पर कम ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल सबसे कठिन परिस्थितियों वाले मरीजों का इलाज करते हैं और चिकित्सक पूरी क्षमता के साथ सेवाएं दे रहे हैं। वहीं कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की मौत को लेकर उठे सवालों पर स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि संबंधित मामले में अस्पताल की लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि महिला जब 15 मई को अस्पताल पहुंची थी, उसी समय उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी।
उन्होंने कहा कि किसी मरीज को वेंटिलेटर पर रखना इस बात का संकेत होता है कि उसकी जान को गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में उपचार की पूरी कोशिश की जाती है, लेकिन मरीज की स्थिति पहले से ही नाजुक होने के कारण उसके बचने की संभावना काफी कम हो जाती है। खींवसर ने कहा कि मामले को तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद रहे। इससे पहले जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में शनिवार को नव निर्मित पीजी हॉस्टल और अत्याधुनिक एमआरआई सेंटर का लोकार्पण किया गया।
समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने संयुक्त रूप से दोनों सुविधाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने पीजी हॉस्टल और एमआरआई सेंटर का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पीजी हॉस्टल शुरू होने से स्नातकोत्तर चिकित्सा विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी, जबकि एमआरआई सेंटर के संचालन से मरीजों को उन्नत जांच सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी। इससे रोगों के सटीक निदान और उपचार व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में प्रसूति एवं स्त्री रोग, शिशु रोग, शिशु शल्य चिकित्सा तथा एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर और चिकित्सा कार्मिक मौजूद रहे।
Published on:
20 Jun 2026 06:15 pm
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