खासतौर पर भारतीय अरब, अफ्रीका, सीरिया, ईराक और अन्य देशों में कार्यरत हैं।
अजमेर।
मासूम लोगों को विदेश में नौकरी के सपने दिखाना और उनके साथ धोखेबाजी के मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। पैसा कमाने की चाह लेकर अफ्रीकी देश गए युवक ने दो साल तक मेहनत की लेकिन उसको पगार के नाम पर सिर्फ झांसा मिलता रहा। जब वह स्वदेश लौटने लगा तो उसे रकम ब्यावर में मिलने का आश्वासन दिया लेकिन यहां भी वह दर-दर भटकने को मजबूर है। आखिर पीडि़त ने आरोपित के खिलाफ अफ्रीकी दूतावास में गुहार लगाकर 2 वर्ष की पगार दिलाने की मांग की है।
अजयनगर निवासी कुलदीप सिंह दो साल पहले एनआरआई चन्द्रप्रकाश दरियानी के साथ अफ्रीका कूतून मिशेबो में कपड़े की फैक्ट्री में 25 हजार रुपए प्रतिमाह की नौकरी के लिए गया। एक माह बीतने के बाद जब कुलदीप ने पगार मांगी तो दरियानी ने तीन माह की एक साथ फिर 6 और एक साल की एक साथ देने की बात कही।
कुलदीप अजमेर पहुंचकर ब्यावर निवासी चंदा दरियानी के पास पहुंचा तो उसने चन्द्रप्रकाश के आने पर पैसे देने की बात कही। दो साल काम करने के बाद भी जब कुलदीपको राहत नहीं मिली तो उसने अफ्रीकी दूतावास के जरिए कार्रवाई के लिए चन्द्रप्रकाश दरियानी के खिलाफ शिकायत दी है।
कुलदीप के नाम रजिस्ट्रेशन
कुलदीप ने बताया कि चन्द्रप्रकाश दरियानी ने अफ्रीका में अपनी फर्म का रजिस्ट्रेशन भी उसके नाम से करवा रखा है। उसने इसमें भी उसकी कोई गलत मंशा की आशंका जताई है।
होता है ऐसा खिलवाड़
विदेश में नौकरियों के नाम पर कबूतरबाज कई भारतीय को प्रतिवर्ष ले जाते हैं। वहां जाते ही सबसे पहले उनका पासपोर्ट जब्त किया जाता है। इसके बाद उनका शारीरिक और आर्थिक शोषण किया जाता है। कई बार उन्हें पगार भी नहीं दी जाती है। इसके चलते लोग मजूबरीवश मामले दर्ज नहीं करा पाते। खासतौर पर भारतीय अरब, अफ्रीका, सीरिया, ईराक और अन्य देशों में कार्यरत हैं।