अजमेर

यह थे माटी के सपूत, कराया था देश को अंग्रेजों से आजाद

राजकीय सम्मान से किया अंतिम संस्कार।
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Mar 16, 2020
freedom fighter
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अजमेर.

देश की स्वाधीनता और गोवा मुक्ति आंदोलन में अहम योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानी श्रवणलाल प्रजापति का निधन हो गया। उनका राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया।

पंचोली चौराहा रामनगर निवासी श्रवणलाल प्रजापति (94) कई दिनों से अस्वस्थ थे। उनके पैतृक निवास से ढोल-ढमाकों के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा की। अंतिम यात्रा पुष्कर रोड स्थित मुक्तिधाम पहुंची। लोगों ने श्रवणलाल अमर रहे..., जब तक सूरज चांद रहेगा...जैसे नारे लगाए। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में स्वतंत्रता सेनानी प्रजापति का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया। पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अजमेर में व्यापारिक ऐसोसिएशन के आह्वान पर कुछ बाजारों में दुकानों को बंद भी रखा गया। प्रजापति के पुत्र त्रिलोक चंद, जगदीश चन्द्र, महेश चन्द्र, पुत्रियां मोहिनी देवी एवं सीता देवी सहित पौत्र, प्रपौत्र और प्रपौत्रियों ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

मुख्यमंत्री गहलोत ने जताई संवेदना
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तरफ से पूर्व विधायक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती ने पुष्पचक्र अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने दिवंगत स्वतंत्रा सेनानी के निधन पर संवेदना जताई। इसी तरह चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा की तरफ से अतिरिक्त जिला कलक्टर हीरालाल मीणा ने पुष्पचक्र अर्पित किए। डॉ. बाहेती ने परिजनों से मुलाकात की। अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी, जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप, अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार, पार्षद ज्ञान सारस्वत, स्वतंत्रता सेनानी शोभाराम गहरवार और अन्य मौजूद रहे।

करते थे क्रांतिकारियों की मदद
भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में श्रवणलाल अग्रणीय रहे थे। वे देश के क्रांतिकारियों तक हथियार और अन्य सहायता पहुंचाते थे। पुर्तगाल के कब्जे वाले गोवा को आजाद कराने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।

अप्रेल से बननी शुरू होगी कॉलेज प्रवेश नीति

अजमेर. स्नातक और स्नातकोत्तर कॉलेज में सत्र 2020-21 की प्रवेश नीति अप्रेल में बनना शुरू होगी। इसके लिए कॉलेज प्राचार्यों-शिक्षकों से सुझाव भी लिए जाएंगे। कॉलेज शिक्षा निदेशालय सरकारी और निजी कॉलेज के लिए प्रवेश नीति बनाने में जुटेगा।

उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, कॉलेज शिक्षा निदेशालय के अधिकारी प्रवेश नीति पर प्राचार्यों, शिक्षाविदें से चर्चा करेंगे। प्रवेश नीति से पहले खास बिन्दुओं पर चर्चा होगी। इसके बाद कार्यक्रम और नियम तैयार होंगे। मौजूदा समय बीए-बीकॉम प्रथम वर्ष कला अैार वाणिज्य संकाय में प्रवेश के लिए 48 प्रतिशत और बीएससी प्रथम वर्ष विज्ञान संकाय में प्रवेश के लिए 50 प्रतिशत अंक आवश्यक है।

Published on:
16 Mar 2020 07:48 am