अब पुष्कर गुरुद्वारे में कराया विराजमान, गाय के खाने से हुए क्षतिग्रस्त
पुष्कर (अजमेर). नागौर जिले के भकरी गांव में बन्जारा सिख समाज के गुरुद्वारे में रखे गुरुग्रंथ साहब के आंतरिक पृष्ठ फटने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना गत 2 अक्टूबर की बताई गई है। जानकारी मिलने पर अजमेर सिख समाज के खजांची प्रताप सिंह भकरी पहुंचे तथा क्षतिग्रस्त ग्रंथ साहब को पुष्कर ले आए तथा विराजमान कराया।
जानकारी मिलने पर अजमेर के सिख समाज में रोष उत्पन्न हो गया।
घटना को लेकर गुरुद्वारे की देखरेख करने वाले कालूराम का कहना था कि गाय के खाने से गुरुग्रंथ साहब के पन्ने फटे हैं। लेकिन मौके के हालातों के आधार पर सिख समाज के एक पक्ष ने इसे साजिश बताया। अजमेर सिख समाज के जोगेन्द्रसिंह दुआ सहित अन्य ने घटना को मोड़ देने का आरोप लगाया। आरोप था कि भकरी से क्षतिग्रस्त ग्रंथ को पुष्कर लाने की बजाय मौके पर ही रिपोर्ट दर्ज करानी थी जो नहीं कराई गई। गुरुद्वारे की सार-संभाल करने वालों से पूछताछ की जा रही थी। पुलिस उपअधीक्षक ग्रामीण विनोदकुमार, थानाधिकारी राजेश मीणा ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली नागौर जिले के थाने में कार्रवाई की सलाह दी।
अमृतसर में होगा ग्रंथ का संस्कार
सिख समाज अजमेर के प्रधान अमरजीत सिंह छाबड़ा ने बताया कि अब भकरी गुरुद्वारे में ग्रंथ नहीं रखा जाएगा। क्षतिग्रस्त ग्रंथ का अमृतसर में संस्कार किया जाएगा। उनका कहना है कि सन 1923 में गुरु खड़्ग सिंह के समक्ष बन्जारा समाज ने सिख धर्म अपनाया था तभी भकरी में गुरुद्वारा बनाया गया था तथा ग्रंथ रखा गया था।
इनका कहना है
भकरी गुरुद्वारे में गाय घुसने तथा ग्रंथ साहब के पन्ने खाने की जानकारी मिलने पर क्षतिग्रस्त ग्रन्थ को पुष्कर गुरूद्वारे में लाकर विराजित कर दिया गया है।
- प्रताप सिंह, खजांची सिख समाज अजमेर
भाकरी गांव के गुरुद्वारे का दरवाजा खुला रहने से गाय घुस गई तथा ग्रंथ को खाने से पन्ने फट गए हैं। जानबूझकर किसी ने बेअदबी नहीं की है लेकिन समाज की मांंग पर घटना को लेकर संबधित थाने में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
- अमरजीत सिंह छाबड़ा, प्रधान गुरुद्वारा कमेटी अजमेर