वीडियो देख भावुक हुई ग्यारवीं की मेयो गर्ल, मुंबई के ट्रस्ट ने किया प्रमाण पत्र
अजमेर. महिलाओं के लिए काले घने केश किसी जेवर से कम नहीं होते। चेहरे के बाद सर्वाधिक सार-संभाल बालों की ही की जाती है। लेकिन एक छात्रा ने स्वैच्छा से अपने बाल कैंसर पीडि़तों की सहायता के लिए दान कर एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया।
मेयो गल्र्स स्कूल में ग्याहरवीं कक्षा की छात्रा रीवा शांडिल्य ठाकुर ने बताया कि उसने एक वीडियो देखा जिसमें कैंसर से पीडि़त एक युवती की बहन ने बताया कि उसकी छोटी बहन की कैंसर से मौत हो गई। उसके अंतिम समय में बाल कम होने से वह बहुत दु:खी थी। वह बार-बार अपने कम होते बालों के बारे में बात करती रहती थी। इस पर रीवा ने उसकी पीड़ा को समझा और आमजन को ‘खूबसूरती बालों से नहीं होती है’ यह मैसेज देने के लिए उसने कुछ दिनों पहले अपने घने बाल कटवाकर मुंबई के ‘ मदत’ नाम के ट्रस्ट को भिजवा दिए। यह ट्रस्ट कैंसर पीडि़तों के विग बनाकर नि:शुल्क उपलब्ध कराती है। रीवा की मां रश्मि ठाकुर मेयो गल्र्स कॉलेज में तथआ पिता डॉ. राकेश ठाकुर चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में लेक्चरर हैं। रीवा के बाल कैंसर पीडि़तों की सहायता के लिए दान करने पर मदत ट्रस्ट की ओर से प्रोत्साहन प्रमाण-पत्र भी जारी किया है।