महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और युवाओं ने पवित्र क्रूस के आगे सिर झुकाकर परमात्मा यीशू को याद दिया।
सेंट एन्सलम्स स्कूल स्थित इमेक्यूलेट कंसेप्शनल कथीड्रल में प्रभु यीशू की क्रूस यात्रा निकाली गई। प्रभु के पहाड़ी पर उपदेश देने, सैनिकों द्वारा प्रभु यीशू को बांधने, सूली पर चढ़ाने का वृतांत सुनाया गया। यह सुनकर कई मसीह धर्मावलंबियों की आंखें छलछला उठीं। महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और युवाओं ने पवित्र क्रूस के आगे सिर झुकाकर परमात्मा यीशू को याद दिया। बिशप पायस थॉमस डिसूजा सहित विभिन्न चर्च के पुरोहित, नन और मसीह धर्मावलंबी मौजूद रहे। शनिवार को पवित्र सेटर्डे और रविवार को ईस्टर पर्व मनाया जाएगा। इसके साथ ही मसीह धर्मावलंबियों के 40 दिन के उपवास पूरे हो जाएंगे। कई घरों में ईस्टर केक बनाया जाएगा।
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अजमेर. शहर के विभिन्न चर्च में शिष्यों के पैर धोने की रस्म हुई। इस दौरान पुरोहितों ने शिष्यों के पैर धोए और धार्मिक रसूमात को अंजाम दिया। शुक्रवार को गुड फ्राइडे मनाया जाएगा। इस दौरान मसीह धर्मावलंबी प्रभु यीशु को सलीब पर लटकाए जाने की स्मृति में विशेष प्रार्थना करेंगे। प्रभु यीशु को सूली पर लटकाने से पहले की रस्मों के तहत गुरुवार को चर्च में पुरोहितों ने शिष्यों के पैर धोए। इस दौरान मिस्सा की रस्म भी हुई। अवर लेडी ऑफ द सेवन डॉलर्स चर्च भट्टा, सेंट एन्सलम्स स्कूल स्थित इमेक्यूलेट चर्च में रस्म अदा की गई। शहर के अन्य चर्च में प्रार्थना हुई।यीशु ने दिया भाईचारे का संदेश
पल्ली पुरोहित फादर कॉसमॉस शेखावत ने कहा कि प्रभु यीशु ने मृत्यु के एक दिन पहले अपने शिष्यों को मानवता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने शिष्यों के साथ अंतिम भोजन कर परस्पर प्रेम-भाईचारे का संदेश भी दिया। इसे आत्मसात करने की जरूरत है।