लाशयों में पानी आने के साथ-साथ भूजल स्तर में भी बढ़ोतरी, फसल बुवाई का लक्ष्य : 1 लाख 32 हजार 894 हैक्टेयर, यह लक्ष्य हुआ पूरा : 1 लाख 29 हजार 345 हैक्टेयर
अजमेर. इस साल इन्द्रदेव की मेहरबानी से पेयजल के साथ-साथ फसल पैदावार भी अच्छी होने की उम्मीद जगी है। इन दिनों मानसून सक्रिय है। कृषि विभाग ने फसल बुवाई का जो लक्ष्य तय किया था। वह काफी हद तक पूरा कर लिया। विभाग ने अक्टूबर के पहले सप्ताह तक बरसात का अनुमान लगाया है।
ब्यावर समेत जवाजा, मसूदा, भिनाय और सरवाड़ की 11 पंचायतों में बेहतर बरसात से विभाग ने बुवाई का लक्ष्य 93.30 प्रतिशत तक पूरा कर लिया है। ब्यावर स्थित सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) क्षेत्र ने करीब 1 लाख 32 हजार 894 हैक्टेयर भूमि पर बुवाई का अनुमान लगाया था। 15 जुलाई तक क्षेत्र की 1 लाख 29 हजार 345 हैक्टेयर भूमि पर बुवाई हो चुकी है। यानि विभाग ने अभी तक 93.30 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया।
फिलहाल कृषि विस्तार विभाग मानसून के बाद तक बरसात की आशंका जता रहा है। अक्टूबर के पहले सप्ताह तक बरसात का फायदा खरीफ की फसलों को मिलेगा। अगर विभाग की नीति व पूर्वानुमान के मुताबिक बरसात जारी रही और किसानों ने फसलों की नियमानुसार बराबर देखभाल की तो लक्ष्य से भी अधिक बुवाई हो सकती है। समय पर बरसात और अच्छी बुवाई के कारण बेहतर फसलें होने से किसानों की मेहनत रंग लाएगी और मंडियों में बेहतर क्वालिटी के मुताबिक फसलों की बढिय़ा कीमत भी मिल सकेगी।
इनका कहना है
बेहतर मानसून और समय पर बरसात फसलों के लिए बहुत फायदेमंद रहा है। 15 जुलाई तक क्षेत्र में लक्ष्य से 93.30 प्रतिशत तक अच्छी बुवाई हो चुकी है। उच्च गुणवत्तायुक्त फसलों के लिए अब निराई-गुडाई और यूरिया की आवश्यकता है। अभी हो रही बरसात रबी की फसलों के लिए भी फायदेमंद है।
विनोद छाजेड़, उपनिदेशक कृषि (विस्तार), ब्यावर