अब निजी अस्पताल से एमओयू करने के निर्देश, जेएलएन मेडिकल कॉलेज के सीटीवीसीएस का नहीं मिल रहा लाभ
अजमेर. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में कार्डिक थौरेसिक एंड वैस्कूलर सर्जरी में हार्ट की बाइपास सर्जरी के लिए राज्य सरकार भी निजी अस्पतालों के भरोसे है। राज्य सरकार की ओर से सुपर स्पेशलिटी के भले ही पद स्वीकृत किए हों लेकिन सीटीवीएस में हार्ट की सर्जरी का लाभ सरकारी अस्पताल में नहीं मिल रहा है।
अजमेर जेएलएन मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में कार्डियोलॉजी विभाग में जहां एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी की सुविधाएं उपलब्ध हैं वहीं सीटीवीएस में हार्ट की सर्जरी नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अजमेर, नागौर, भीलवाड़ा एवं टोंक जिलों के मरीजों को निजी अस्पतालों के अलावा जयपुर, उदयपुर, अहमदाबाद सहित अन्य शहरों का रुख करना पड़ रहा है। सीटीवीएस अलग से विभाग स्थापित है जहां वैस्कूलर सहित अन्य सर्जरी तो की जा रही है मगर हार्ट की बाईपास सर्जरी नहीं हो रही।
पूर्व में एमओयू के तहत होती थी बाईपास सर्जरी
जेएलएन मेडिकल कॉलेज एवं जयपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल के बीच हुए एमओयू के तहत कार्डिक सर्जन डॉ. विक्रम गोयल ने अजमेर में हार्ट की बाईपास सर्जरी प्रारंभ कर दी थी। लेकिन निजी अस्पताल के एमओयू की शर्तों का पालन नहीं करने व कार्डिक सर्जन गोयल के अन्य अस्पताल में चले जाने से हार्ट की बाइपास की सुविधा बंद हो गई थी।
चिकित्सा मंत्री ने दिए थे बाईपास सर्जरी के निर्देश
हाल ही में मेडिकल कॉलेज के दौरे पर आए चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने सीटीवीएस विभाग में जल्द हार्ट की बाईपास सर्जरी प्रारंभ करने के निर्देश मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. वी.बी. सिंह एवं अधीक्षक डॉ. अनिल जैन को दिए।
लेकिन मौजूदा स्थिति के मद्देनजर अस्पताल में हार्ट की बाईपास सर्जरी निजी अस्पताल से एमओयू के बाद ही संभव हो पाएगी। सरकार भी एमओयू से यह व्यवस्था शुरू करना चाहती है।