
माकड़वाली क्षेत्र का हिस्सा जहां से होना है रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण। फोटो पत्रिका
Ajmer Ring Road : अजमेर। शहर में बढ़ते यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए रिंग रोड का काम जारी है। फिलहाल जनाना अस्पताल-माकड़वाली तक भूमि अधिग्रहण बाकी है। प्रॉपर कनेक्टिविटी होने पर ही इसका फायदा मिल सकेगा। कुछ स्थानों पर रिंग रोड के चौड़ाईकरण की जरुरत है।
राज्य सरकार ने बजट में रिंग रोड की डीपीआर बनाने की घोषणा की है। रिंग रोड बनने पर ट्रैफिक सुगम होगा और जाम की समस्या में कमी आएगी। इसके साथ ही पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यही नहीं पुष्कर के दोनों बाइपास भी इससे जुड़ने की संभावना है। बढ़ते यातायात दबाव के चलते अजमेर में रिंग रोड की दरकार है। खासतौर पर कोटड़ा, महाराणा प्रताप नगर, पुष्कर रोड से जयपुर रोड की कनेक्टिविटी सबसे अहम है।
वर्तमान में टू-लेन बाइपास होने के कारण यातायात का दबाव बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार कायड़ विश्राम स्थली, माकड़वाली, होकरा, कानस बूढ़ा पुष्कर व पुष्कर के टू लेन मार्ग को फोरलेन करना होगा । 2026-27 के बजट में पुष्कर घाटी की चौड़ाई बढ़ाने की घोषणा हुई है । इसे नौसर के निकट रिंग रोड से जोड़ा जाना है ।
प्रमुख सड़कों पर वाहनों का दबाव अधिक है। मदार गेट-स्टेशन रोड पर 25 से 30 हजार, आगरा गेट-पृथ्वीराज मार्ग पर 28 से 30 हजार और आदर्श नगर-पर्बतपुरा रोड पर 35 से 40 हजार वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। अन्य प्रमुख मार्गों पर भी 22 से 32 हजार तक वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। इससे ध्वनि, वायु और प्रकाश प्रदूषण लगभग 60 प्रतिशत तक दर्ज किया जा रहा है।
दरगाह पर प्रतिवर्ष 20 से 25 लाख से अधिक पर्यटक आते हैं। नारेली, नसियां और अन्य स्थलों पर करीब 10 लाख लोग पहुंचते हैं। राजकीय संग्रहालय और तारागढ़ में लगभग 5 लाख तथा आनासागर बारादरी सहित अन्य स्थानों पर भी करीब 5 लाख पर्यटक आते हैं। वहीं 45 से 50 लाख श्रद्धालु अजमेर से पुष्कर की यात्रा करते हैं।
Published on:
11 May 2026 02:14 pm
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
