अगले माह से शुरू होगी 7वीं आर्थिक गणना-2019जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न
अजमेर. सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय, केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से 7वीं आर्थिक गणना 2019 7th Economic Census-2019 का कार्य सीएससी ई-गर्वेनेस सर्विस, इंडिया लिमिटेड इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय नई दिल्ली के माध्यम से कराया जाएगा। financial situation इस संबंध में जिला स्तर पर गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक शुक्रवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर कैलाश चंद शर्मा की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में हुई। राज्य में 7वीं आर्थिक गणना 2019 का कार्य दो चरणों में प्रारम्भ किया गया है। प्रथम चरण में 15 जिलों में कार्य १8 सितम्बर 2019 को हो चुका है। अजमेर जिले में 8 शहरी क्षेत्रों को 66 ब्लॉकों में बांटा गया है, जिनमें 330 प्रगणक एवं 66 प्रथम स्तरीय पर्यवेक्षक कार्य करेंगे। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र में 282 ग्राम पंचायतों के लिए 846 प्रगणक एवं 282 प्रथम स्तरीय पर्यवेक्षक रहेंगे।
पेपरलेस होगी आर्थिक गणना
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बताया कि 7वीं आर्थिक गणना 2019 का कार्य प्रथम बार मोबाइल एप के माध्यम से होगी। इसमें कॉमन सर्विस सेंटर ई गवर्नेस सर्विस इंिडया लिमिटेड के नियुक्त प्रगणक आंवटित क्षेत्र के प्रत्येक घर एवं उद्यम पर जाकर सूचना एकत्र करेंगे। आर्थिक गणना के लिए नियुक्त प्रगणकों को उनके परिचय पत्र एवं प्राधिकार पत्र जारी किए जाएंगे। प्रगणकों की सूची संबंधित उपखड अधिकारी व तहसीलदार के पास भी उपलब्ध रहेगी।
दो भागों में बांट कर होगी गणना
आर्थिंक एवं सांख्यिकी विभाग के उपनिदेशक दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि गणना क्षेत्र को मुख्य रूप से दो भागों शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में बांटा गया है। शहरी क्षेत्र में नगर पालिका, निगम, छावनी बोर्ड एवं अधिसूचित नगर क्षेत्र समिति के साथ सभी अन्य स्थान जिनकी न्यूनतम जनसंख्या 5000 हो, आबादी के कम से कम 75 प्रतिशत पुरुष और कृषि कार्यो में लिप्त हो। जनसंख्या घनत्व कम से कम 400 प्रति वर्ग किमी हो,जो अन्तिम जनगणना के आधार पर है। इसके अतिरिक्त सभी क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र है जिसकी बुनियादी इकाई राजस्व गांव है।
सीएससी के जरिए नियुक्त होंगे प्रगणक
प्रगणकों के कार्य का द्विस्तरीय पर्यवेक्षण किया जाएगा। प्रथम स्तरीय पर्यवेक्षण शत प्रतिशत कार्य का सीएससी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों की ओर से किया जाएगा। द्वितीय स्तरीय पर्यवेक्षण एनएसओ आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग व उद्योग विभाग के अधिकारियों एवं कर्मिकों की ओर से दस प्रतिशत रेडम आधार पर किया जाएगा।
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