
अजमेर. अजमेर (ajmer) रेंज के चारों जिलों के हैडकांस्टेबल को एएसआई के रूप में पदोन्नति जल्द मिलेगी। मंगलवार को अजमेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक संजीब नर्जरी सहित अन्य अधिकारियों ने लिखित परीक्षा की कॉपियां जांची। इनमें उत्तीर्ण होने वाले हैड कांस्टेबल की 2 नवंबर को शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी।
पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि अजमेर, टोंक, नागौर और भीलवाड़ा के विभिन्न हैड कांस्टेबल को पदोन्नत कर एएसआई बनाया जाना है। हाल में करीब 500 हैड कांस्टेबल ने लिखित परीक्षा दी थी। इनकी कॉपियों की मंगलवार को पुलिस लाइंस में जांच की गई। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले हैडकांस्टेबल की 2 नवंबर को शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी। इसके लिखित, शारीरिक दक्षता परीक्षाक के आधार पर इन्हें पदोन्नति मिलेगी।
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दोनों आरोपी मौका मिलते ही वारदात अंजाम देने में माहिर
अजमेर. फर्जी पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने वाले दो आरोपी सिविल लाइंस थाना पुलिस के हत्थे चढ़े गए। आरोपी मौका मिलते ही वारदात अंजाम देने में माहिर हैं। दोनों ने प्रदेश के विभिन्न शहरों में लोगों को ठगने का खुलासा किया है।
पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने मंगलवार को बताया कि 26 अक्टूबर को सावित्री चौराहा पर फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लुटेरे ने झारला थाना पीलवा निवासी उगमाराम (19) के18 हजार रुपए उड़ा लिए थे। लुटेरों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए तलाशी देने को कहा। बाद में दोनों ने असली नोट लेकर उसे खाली कागज थमा दिए थे। पीडि़त ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर नारायणसिंह टोगस, सीओ नॉर्थ डॉ. प्रियंका, सिविल लाइंस थाना प्रभारी डॉ. रविश सामरिया और अन्य की टीम गठित की गई।
जहां मौका वहीं वारदात
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छारसा थाना मनोहरपुरा जयपुर निवासी अविनाश पुत्र धन्नालाल मीणा और श्यामपुरा थाना विराटनगर निवासी मामराज पुत्र राधेश्याम धानका को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सरगना अविनाश और उसका साथ मामराज जहां मौका मिले वहीं ठगी करने में माहिर हैं। वे 10 साल से नकली पुलिसकर्मी बनकर राहगीरों के साथ ठगी कर रहे हैं। दोनों असली-नकली नोट की जांच करने, नाम पूछकर हस्ताक्षर करने और लिफाफे में अखबार के टुकड़े थमाने की वारदात अंजाम देते हैं। साथ ही मौके से फरार हो जाते हैं। अब तक इन्होंने जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बिजयनगर, किशनगढ़ और अन्य शहरों में ठगी की है