अजमेर

अजमेर जिले में भारी बारिश,जलाशय लबालब,चादर चलने से खेत-सडक़ पर फैला पानी

बीसलपुर बांध में आया दिसम्बर तक का पानी, कई एनिकट में क्षमता से अधिक पानी की आवक, मानसून की सक्रियता से अच्छी फसल की उम्मीद
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Aug 08, 2019
Heavy rain in Ajmer district
अजमेर जिले में भारी बारिश,जलाशय लबालब,चादर चलने से खेत-सडक़ पर फैला पानी

अजमेर. इस बार इन्द्रदेव अजमेर जिले पर खासा मेहरबान है। मानसून की सक्रियता के चलते जिले के अधिकतर बांध-तालाब में पानी की आवक जारी है। इनमें से कई एनिकट की चादर चल गई तो कुछ टूट भी गए। उधर, संतोष की बात यह है कि जयपुर, अजमेर व टोंक जिले को जलापूर्ति करने वाले बीसलपुर बांध में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है।

बांध से जुड़ी नदियों से पानी बहाव जारी है। बीसलपुर बांध में इस समय ३०८ मीटर से अधिक पानी भरा हुआ है। बांध से जुड़े अधिकारियों की मानें तो बांध में दिसम्बर माह तक की जलापूर्ति की व्यवस्था हो गई है। अभी बारिश का दौर जारी है। ऐसे में जो जलाशय अपनी पानी भराव क्षमता से कम हैं। वह बारिश का दौर जारी रहने से भर सकेंगे। बीसलपुर बांध में भी पानी तेजी से आ रहा है।

पिछले दिनों से भीलवाड़ा और अजमेर जिले में हो रही बारिश के चलते बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया में पानी की आवक बढ़ी है। 315.50 आरएल मीटर की भराव क्षमता वाले बांध में 308.30 आरएल मीटर जल की आवक हुई है। हर घंटे में अब दो सेमी. पानी की आवक हो रही है।

बनास नदी के उफान पर आने से अब बांध मे पानी की आवक अगले घंटों में और तेज होगी। गौरतलब है कि एक पखवाड़ा पहले बीसलपुर बांध में पानी का जलस्तर 305 गेज मीटर से भी कम हो गया था जो दस साल का सबसे कम जल स्तर था। बीसलपुर बांध में जब भी गेट खुले हैं वह अगस्त माह में ही खुले है। भीलवाड़ा व चितौड़ क्षेत्र मे भारी बारिश होने से त्रिवेणी पर 2.10 मीटर के साथ बनास उफान पर है। इसी तरह खारी नदी भी उफान पर चल रही है।

आनासागर झील के पानी से टूटा भांवता का एनिकट

अजमेर की आनासागर झील के एस्केप चैनल के गेट खोलने पर पीसांगन उपखंड के भांवता ग्राम के मजीतिया स्थित एनिकट टूट गया। पिछले चार दिन से एनिकट में पानी की आवक जारी थी। खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने एनिकट की दीवारों की मरम्मत भी कराई। रिसाव को रोका भी गया, लेकिन आनासागर का पानी तेज गति से आता रहा। बुधवार को सागरमती नदी के कैचमेंट एरिया में वाटरवक्र्स मजीतिया के पास निर्मित एनीकट टूटने से पानी फै ल गया।

कार्यवाहक ग्राम विकास अधिकारी व कनिष्ठ लिपिक डालचंद जाटोलिया ने बताया कि आनासागर का पानी सबसे पहले पांच दिन पूर्व भांवता पंचायत के मजीतिया वाटरवक्र्स के पास स्थित एनीकट में पहुंचा था। तेज बहाव के चलते कटाव आने पर पंचायत प्रशासन ने ग्रामीणों की मदद से बजरी के 400 से अधिक कट्टे भरवाकर पाल पर लगा दिए।

दूसरी ओर आनासागर का पानी तेज गति से आता रहा। आखिरकार एनीकट पांचवें दिन टूट गया। इसके चलते देवीसिंह के खेत के पास स्थित एनिकट लबालब हो गया। इस एनिकट को बचाने के लिए पाल पर बजरी के कट्टे रखवाए गए हैं।

टोपा एनिकट की चली चादर

मेवदाकलां क्षेत्र में अच्छी बरसात के चलते ग्राम टोपा के नीचे बना एनीकट छलक पड़ा। क्षेत्र के बाजटा, सुंदरपुरा सहित गांव में बरसात का सारा पानी ग्राम टोपा से गुजरते हुए एनीकट में पहुंचता है। एनीकट में अच्छी पानी की आवक के चलते लबालब है। इसके चलते चादर चल पड़ी। इसका सारा पानी बीसलपुर बांध से जुड़ी खारी नदी में मिलकर बांध का जलस्तर बढ़ा रहा है। एनीकट बीसलपुर बांध के डूब क्षेत्र में स्थित है। पिछले साल भी इस एनीकट की चादर नहीं चली थी। इस वर्ष क्षेत्र में अच्छे बरसात के चलते चादर चल पड़ी।

एनिकट तोड़ा : ग्राम देवलियाखुर्द में बस स्टैंड के निकट तुरसागर के लबालब होने के बाद चलती चादर को समाजकंटकों ने तोडक़र पानी की निकासी तेज कर दी। इससे जलस्तर कम हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में अच्छी बरसात के चलते बस स्टैंड का तुरसागर पिछले दो दिनों से लबालब हो गया था।

गडूलिया तालाब में रिसाव

ग्राम पंचायत मोलकिया के मजरा खेडिय़ा के गडूलिया तालाब के लबालब भरने से रिसाव शुरू हो गया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर रिसाव को भरने का प्रयास किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मिट्टी से भरे कट्टे रखने पर पानी का रिसाव बंद हो गया। तालाब ने पानी की लगातार आवक के चलते पानी ऊपर से निकलने की आशंका पर ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत प्रशासन को सूचना दी। सरपंच रीना ढोली ने जेसीबी को मौके पर भिजवाया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पाल पर मिट्टी डालकर पानी को रोका। उधर, गडूलिया तालाब में लगातार पानी की आवक से तालाब की चादर करीब आधा फीट चल रही है।

Published on:
08 Aug 2019 02:00 am