अजमेर

वर्ष 2030 तक हैपेटाइटिस से मुक्ति का लक्ष्य

राज्य स्तरीय वर्चुअल सेन्सिटाइजेशन कार्यशाला में चिकित्सा मंत्री डॉ. शर्मा ने कहा, अजमेर में भी हैपेटाइटिस रोगियों की नि:शुल्क जांच व उपचार की सुविधा

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Jul 29, 2021
वर्ष 2030 तक हैपेटाइटिस से मुक्ति का लक्ष्य

अजमेर. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ .रघु शर्मा ने कहा है कि प्रदेश में हैपेटाइटिस नियंत्रण के लिए गंभीरता से कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित वर्ष 2030 तक हैपेटाइटिस से मुक्ति का लक्ष्य अर्जित करने के लिए व्यापक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश के 7 मेडिकल कॉलेजों के अतिरिक्त सभी जिला चिकित्सालयों में हैपेटाइटिस रोगियों की नि:शुल्क जांच व उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। डॉ शर्मा बुधवार को विश्व हैपेटाइटिस दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय वर्चुअल सेन्सिटाइजेशन कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। अजमेर में स्वास्थ्य संकुल स्थित सभागार में चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया। इसमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.के. सोनी, मेडिकल कॉलेज से डॉ. एम.पी.शर्मा, डॉ. गीता परिहार, जिला नोडल अधिकारी डॉ. मुनीष मीना, संयुक्त निदेशक डॉ. इन्द्रजीत सिंह, एपिडिमियोलॉजिस्ट मुकेश खोरवाल सहित अन्य मौजूद रहे। नवजात शिशु की जांच की विशेष व्यवस्थाप्रदेश के एसएमएस अस्पताल में हैपेटाइटिस बी एवं सी की वायरल लोड जांच भी प्रारंभ कर दी गई है। अजमेर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर एवं झालवाड़ जिलों में भी वायरल लोड जांच प्रारंभ करने के लिए 12 करोड़ रुपए की अतिरिक्त स्वीकृतियां आरएमएससीएल को जारी कर दी गई है। हैपेटाइटिस बी पॉजिटिव महिलाओं की पहचान कर उनकी तथा नवजात शिशु की विशेष देखरेख की जाती है एवं नवजात को हैपेटाइटिस बी की बर्थ डोज लगाने की भी व्यवस्था की गई है।

Published on:
29 Jul 2021 08:57 pm
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