
अजमेर.
चैत्र माह में धूप और गर्मी का असर कायम है। शनिवार सुबह से सूरज जमकर सताने लगा है। लोगों को हवा में भी गर्माहट महसूस हो रही है। अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है।
सुबह से ही तेज धूप ने चैन नहीं लेने दिया। हवा में गर्माहट के चलते लोग परेशान दिखने लगे हैं। अप्रेल के शुरूआत से ही सूरज जमकर कहर बरपाने में जुटा है। सडक़ों और बाजारों में चहल-पहल कम देखी जा सकती है। इन दिनों शाम तक सूरज की प्रचंडता बनी हुई है। न्यूनतम तापमान भी 25.4 डिग्री के आसपास कायम है। गर्मी के चलते रात को भी पसीने छूट रहे हैं।
साल 2016 था सबसे गर्म
अजमेर का तापमान संतुलित रहा है। लेकिन ग्लोबल वार्मिंग का यहां भी असर होने लगा है। साल 2016 सबसे गर्म रहा था। तब 19 मई को सूरज ने जमकर आग उगली थी। सुबह से शाम तक भट्टी की तरह तपन रही। गर्म लू के थपेड़ों ने झुलसाती धूप ने कहर बरपाया था। अधिकतम तापमान उछलता हुआ 46.2 डिग्री पर पहुंच गया था। यह अजमेर का 50 साल में सर्वाधिक तापमान रहा था।
कभी अंधड़ तो कभी टपक-टपकी
मौसम के मिजाज बदले हुए रहेंगे। तीखी धूप और गर्मी के अलावा कभी अंधड़ तो कभी टपका-टपकी भी होने के आसार हैं। यह स्थिति मई-जून तक रह सकती है। इसके बाद जून के दूसरे पखवाड़े तक मानसून के सक्रिय होने की उम्मीद है। समय पर मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो लोगों को गर्मी का कहर और झेलना पड़ सकता है।