
अजमेर. प. बंगाल के लिए ट्रेन चलने की सूचना पर शनिवार को दरगाह (dargah) क्षेत्र में कई जायरीन गेस्ट हाउसों से बाहर आ गए। दरगाह बाजार में अचानक उमड़ी भीड़ से प्रशासन भी सकते में आ गया। बाद में पुलिस और दगाह कमेटी ने उन्हें समझाया कि आज कोई ट्रेन नहीं जा रही है। इसके बाद सभी जायरीन फिर से गेस्ट हाउस में चले गए।
दरअसल प. बंगाल के करीब 1000 से अधिक जायरीन को ट्रेन से भेजे जाने की अनुमति मिलने के बाद दरगाह कमेटी ने शुक्रवार रात को ही रजिस्ट्रेशन का कार्य शुरू कर दिया था। शनिवार सुबह तक सभी जायरीन की सूची भी तैयार हो गई। यहां तक कि उन्हें सेनिटाइज्ड भी कर दिया गया। लेकिन बाद में किन्हीं कारणों से टे्रन नहीं चलाई जा सकी। दरगाह कमेटी अध्यक्ष अमीन पठान ने बताया कि प. बंगाल की सरकार ने ट्रेन को रिसीव करने से मना कर दिया। इस कारण शनिवार को ट्रेन नहीं जा सकी। पठान ने बताया कि बाद में केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात कर ली। वे तैयार हो गई हैं। ऐसे में संभवत: रविवार को यहां से ट्रेन रवाना की जा सकती है।
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अजमेर. जिला प्रशासन अब बिहार जाने वाले निर्माण श्रमिकों को भेजने की तैयारी में जुट गया है। जिले में रहने वाले बिहार जाने के इच्छुक श्रमिकों की सूची बनायी जाने के साथ ही उपखंड स्तर पर भी इस तरह के निर्देश जारी कर उन्हें तैयार रहने को कहा गया है। अगले दो दिनों में अजमेर से पटना के लिए ट्रेन की व्यवस्था किया जाना संभावित है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शहर के विभिन्न शेल्टर होम में ठहरे 66 श्रमिकों की सूची तैयार करने के साथ उनकी मेडिकल जांच भी करवाई जा चुकी है। इसके अलावा केकड़ी, सरवाड़, ब्यावर, किशनगढ़, नसीराबाद आदि क्षेत्रों से भी श्रमिकों को रोडवेज बसों से अजमेर लाया जाएगा। जाने वाले सभी लोगों के लिए रेलवे स्टेशन परिसर में ही मेडिकल शिविर लगा कर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाएगी। जांच में फिट पाए जाने के बाद ही श्रमिक टिकट खरीद सकेंगे। रेल प्रशासन से सामूहिक टिकट बनवाए जाने की व्यवस्था पर भी चर्चा की जा रही है।