सदर थाना पुलिस ने मगरी निवासी रमेशचंद की हत्या का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
नसीराबाद. सदर थाना पुलिस ने मगरी निवासी रमेशचंद की हत्या का गुरुवार को पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। हत्या की वारदात मृतक के परिचितों ने अवैध संबंधों के शक को लेकर अंजाम दी थी। हत्याकांड के पर्दाफाश में मृतक के मोबाइल फोन की भूमिका अहम रही है। पुलिस साइक्लोन सेल की मदद से हत्यारों के मोबाइल नम्बरों की जानकारी लेकर उनके गिरेबान तक पहुंची।
मामले के अनुसंधान अधिकारी थानाधिकारी जोगिन्दरसिंह ने बताया कि हत्या के आरोप में बिडि़क्चियावास निवासी जितेन्द्र उर्फ जीतू पुत्र श्यामलाल, वीरसिंह उर्फ दीपसिंह पुत्र घेवरचंद व रामनिवास को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार हत्याकांड के मुख्य आरोपी जितेन्द्र उर्फ जीतू की शादी ग्राम मगरी निवासी शिवराज की पुत्री के साथ हुई थी। रमेश दूर के रिश्ते में उसका भाई लगता था और जीतू अक्सर अपनी पत्नी से मिलने ग्राम मगरी जाता रहता था।
लगभग दो माह पूर्व जब वह अपने ससुराल मगरी गया तो मृतक रमेश को उसने अपनी पत्नी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में बैठा देखा। इससे उसका खून खौल गया और उसने रमेश को मौत के घाट उतारने की ठान ली। आरोपित जीतू ने यह भी बताया कि मृतक रमेश उसकी पत्नी को उसके साथ भेजना नहीं चाहता था तथा सामाजिक फैसला करने की बात कहकर उसे भला-बुरा कहता था।
यूं लगाया ठिकाने रमेश को ठिकाने लगाने के लिए जीतू अजमेर के कबाड़ी बाजार से लोहे की एक रॉड खरीद कर लाया।
गत 13 जून को जीतू रॉड को ठीक करवाने की कहकर अपने चाचा चांदमल के पुत्र रामनिवास को साथ लेकर घर से निकला। उसने अपने दोस्त वीरसिंह उर्फ दीपसिंह को भी अपने साथ ले लिया और मोटरसाइकिल पर मांगलियावास कचौरी खाने पहुंच गए। वहां से जीतू उन्हें यह कहकर नसीराबाद ले आया कि वह अपने ससुराल पत्नी से मिलने जा रहा है। नसीराबाद-कोटा बाइपास चौराहे पर आकर पहले उन्होंने शराब का सेवन किया। उसके बाद जीतू ने वीरसिंह के फोन से रमेश को फोन कर कोटा बाइपास चौराहे पर बुलाया।