दरगाह थाने में मुकदमा दर्ज
अजमेर. एक विवाहिता को देवर पर बलात्कार का आरोप लगाना भारी पड़ गया। ससुराल पक्ष ने पुलिस थाने में दर्ज शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। इसमें पति भी शामिल रहा। पीडि़ता के राजी नहीं होने पर शौहर ने मोबाइल फोन पर तीन तलाक दे दिया। पीडि़ता की फरियाद पर दरगाह थाना पुलिस ने मारपीट और तीन तलाक का मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया।
थानाप्रभारी हेमराज ने बताया कि पश्चिम बंगाल हाल दरगाह अंदर कोट क्षेत्र निवासी पीडि़ता ने रिपोर्ट दी कि उसके पति ने दो देवरों के खिलाफ पूर्व में दर्ज सामूहिक बलात्कार मामले में राजीनामा करने का दबाव बनाया था। ऐसा नहीं करने पर धमकियां दी जाती रही। आखिर पति ने 14 अक्टूबर को मोबाइल पर तलाक...तलाक...तलाक बोल दिया। पीडि़ता दरगाह क्षेत्र में ही पति से अलग रहकर घरों में खाना-बनाकर तीन बच्चों का लालन-पालन कर रही है। पीडि़ता ने शिकायत में आरोप लगाया कि उसका पति आए दिन मारपीट कर प्रताडि़त करता रहता है। वह अंदर कोट क्षेत्र निवासी एक महिला के साथ रहता है।
बना रहा है राजीनामे का दबाव
पीडि़ता ने बताया कि पूर्व में भी 2013 में आरोपी और उसके परिजन दहेज के लिए प्रताडि़त कर जहर पिलाकर जान से मारने का भी प्रयास कर चुके है। मामले में उसने पश्चिम बंगाल चकलिया थाने में शौहर और ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था, लेकिन सामाजिक फैसले के बाद वह दिल्ली और फिर अजमेर आ गई। यहां आने के बाद आरोपी शौहर उस पर वैश्यावृत्ति का दबाव बनाने लगा। मना करने पर अप्रेल 19 में उसके दोनों भाइयों ने सामूहिक बलात्कार किया। प्रकरण में दोनों भाई जेल जाकर आ चुके हैं। तब से वह अपने तीन बच्चों के साथ अलग रहती है। अब उसका शौहर प्रकरण में राजीनामा करने का दबाव बना रहा है।
पहले पुलिस ने घुमाया
पीडि़ता ने आरोप लगाया कि मामले में 30 अक्टूबर को पति के खिलाफ शिकायत दी थी,लेकिन दरगाह थाना ने शिकायत लेने से इन्कार करते हुए मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया। शुक्रवार को पीडि़ता शिकायत लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। यहां के आदेश पर दरगाह थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।