अजमेर

patrika Impact: यूं लूटते रहे अजमेर की खूबसूरती को,सब बैठे हैं निगलने की तैयार

उसकी आवाजाही बंद करने के लिए खाई भी खोदी गई लेकिन अतिक्रमी ने इसकी परवाह नहीं की।
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Jun 06, 2018
lake in danger
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अजमेर

संरक्षित आनासागर झील क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण करने एवं झील क्षेत्र में मलबा डालना वालों के खिलाफ अब प्रशासन ने कार्रवाई शुरु कर दी है। झील में मलवा डाल कर उसे पाटने तथा जमीन कब्जा करने के मामले में न्यायालय अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर) अरविद सेंगवा ने कड़क्का चौक निकावासी गोविंद सिंह पुत्र भंवर लाल तेली को नोटिस जारी कर तलब किया है।

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त की रिपोर्ट के बाद दर्ज किए गए मुकदमें में शुरु की है। गोविंद सिंह पर आरोप है कि वह गौरवपथ कि किनारे झील के जल भराव के क्षेत्र में मलबा डालकर पाटने, जमीन को अपने कब्जे में लेकर उसका उपयोग व उपभोग कर रहा है। इस जमीन पर बड़ी संख्या में प्राइवेट बसें एवं चौपाहिया वाहनों की पार्किग करवा अवैध चौथ वसूली की जा रही है। अतिरिक्त जिला मजिस्टे्रट ने अतिक्रमी को तीन दिन में पब्लिक न्यूसेंस बंद करने के निर्देश के साथ ही 13 जून को न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

पाबंदी का अतिक्रमी पर असर नही

गौरवपथ नाले के पास एडीए की स्वामित्व की करीब तीन बीघा भूमि है। यहां लम्बे समय से मोटर गैराज तथा मूर्तियां बनाने का काम हो रहा है। पिछले साल दो बार एडीए ने अतिक्रमी को जगह खाली करने के लिए पाबंद किया। उसकी आवाजाही बंद करने के लिए खाई भी खोदी गई लेकिन अतिक्रमी ने इसकी परवाह नहीं की।

खाई को पाटकर दुबारा रास्ता बना लिया गया तथा इस जगह को अवैध बसों की पार्र्किंग के रुप मेें इस्तेमाल कर हजारों रुपए कमाए जा रहे हैं। इसे प्राइवेट बस स्टैंड का रूप के में इस्तेमाल किया जा रहा है। अतिक्रमी ने इसके साथ ही यहां पौधों की नर्सरी भी खोल दी है। देवनारायण मंदिर के पास पिछले सालों में जिला प्रशासन ने झुग्गियां हटाकर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त किया था। लेकिन अब इस भूमि पर आए दिए मलवा डालकर सरकारी जमीन तथा आनासागर की झील की भूमि पर कब्जा किया जा रहा है।

गौरवपथ, जी-मॉल के पीछे तथा देवनारायण मंदिर पास आनासागर के किनारे मलवा डालकर आनासागर झील कब्जा किया जा रहा है। शहर में तोड़े गए मकानों का मलवा ट्रैक्टर ट्रॉले तथा ट्रकों के जरिए यहां रात्रि में खाली किया जाता है। इसके बाद जेसीबी के जरिए इसे समतल किया जाता है ताकि मलवा नजर नहीं आए।

झील के किनारे मलबा, अतिक्रमण प्रतिबंधित
तत्कालीन जिला कलक्टर गौरव गोयल की ओर से 13 दिसम्बर 2017 को जारी निर्देशों के अनुसार अब झील में मलवा डालने, अतिक्रमण करने, पानी को दूषित कर झील को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।

झील के किनारे अतिक्रमण करने के मामले में नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन में अतिक्रमण हटा लिया जाए अन्यथा अतिक्रमी के खर्च से अतिक्रमण हटावाया जाएगा।

-अरविंद कुमार सेंगवा, अतिरिक्त जिला मजिस्टे्रट (शहर) अजमेर

Published on:
06 Jun 2018 06:20 am