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अजमेर.
शहर में एक तरफ एक-एक बूंद पानी के लिए जद्दोजहद चल रही है, वहीं दूसरी तरफ जलदाय विभाग के अभियंताओं व अन्य विभागों में तालमेल के अभाव में जनता को पानी नहीं मिल रहा है तो कहीं पर विभाग के अभियंता ही पानी की बंदरबाट में लगे हुए हैं।
ऐसा ही मामला सामने आया है कायड़ की अम्बिका विहार व आसपास की कॉलोनी विशेष में पानी की लाइन डाल कर सप्लाई देने का। पानी की लाइन डालने के लिए शुभम कॉलोनी एसएचपी स्कूल के पास से ब्रांच लाइन से 1 किमी लाइन नियम कायदे ताक पर रख कर डाली दी गई है।
नियम कायदे दर किनार
लाइन डाले जाने में सुरक्षा के नियमों को भी दरकिनार कर दिया गया है। प्लास्टिक की पाइप लाइन बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के डाल दी गई है, जिसमें वाल्व ही नहीं लगाए गए हैं। अवैध लाइनों के बिना चैक वाल्व, गैस मुक्त करने के वाल्व ही नहीं है। इस प्रकार अवैध रूप से मुख्य लाइन को जोडऩे पर जो पूर्व में चल रहे कनेक्शन भी प्रभावित होंगे।
एसई की सफाई-लाइन डाली है, पानी नहीं देंगे
इस मामले में जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता सतेन्द्र सिंह ने बताया कि यह कार्य एमपी लैंड से करवाया जा रहा है। जिला परिषद ने कार्यकारी एजेंसी ग्राम पंचायत को बनाया है। जलदाय विभाग काम नहीं करवा रहा है। पाइप लाइन डाली गई है लेकिन इसे मुख्य पाइप लाइन से नहीं जोड़ा गया है। जलदाय विभाग द्वारा इस लाइन में पानी देना संभव नहीं है। यह नियम विरुद्ध है।
फिर राशि स्वीकृत क्यों!
आसपास की कॉलोनियों में पानी पहुंचाने के लिए एमएलए लैड से राशि स्वीकृत की गई है। जब पाइप लाइन को मेन लाइन से जोड़ा ही नहीं जा सकता तो फिर पाइप लाइन के लिए खुदाई क्यों की गई और पाइप क्यों डाले गए। बिना काम अब तक हुए खर्च का जिम्मेदार कौन है यह यक्ष प्रश्न है।
कमेटी करेगी जांच
मामले की शिकायत जिला कलक्टर आरती डोगरा तक पहुंचने पर उन्होनें मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कलक्टर के निर्देश पर अतिरिक्त जिला कलक्टर ने जांच कमेटी के आदेश जारी कर दिए। कमेटी में एसीओ जिला परिषद, एसई पीएचईडी तथा जिला परिषद के अकाउंटेंट को जांच कमेटी में शामिल किया गया है।
मैंने कोई काम नहीं करवाया। मेरी जानकारी में मामला नहीं है।
-मनीष जुलेटिया, एईएन,पीएचईडी अजमेर खंड
शिकायत पर काम रुकवा दिया गया है। मामले की जांच करवाई जाएगी।
-सतेन्द्र सिंह, एसई जलदाय विभाग, अजमेर खंड
मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। आवश्यकता हुई तो पाइप लाइन हटवाई जाएगी।
-आरती डोगरा जिला कलक्टर, अजमेर