अजमेर

अजमेर में युवक की निर्मम हत्या कर शव जंगल में गाड़ा, मनाने निकले थे जन्मदिन

संपत्ति की खरीद-फरोख्त में उपजे विवाद में एक युवक की निर्मम हत्या कर शव को केसरपुरा ग्राम पंचायत के कोटाज गांव के जंगल में जमीन में दबाने का मामला सामने आया है।
2 min read
Oct 16, 2025
murder in ajmer
फोटो पत्रिका

मांगलियावास (अजमेर)। संपत्ति की खरीद-फरोख्त में उपजे विवाद में एक युवक की निर्मम हत्या कर शव को केसरपुरा ग्राम पंचायत के कोटाज गांव के जंगल में जमीन में दबाने का मामला सामने आया है। बुधवार देर रात क्रिश्चियन गंज व मांगलियावास थाना पुलिस ने प्रकरण में पकड़े गए संदिग्धों की निशानदेही पर जंगल में खुदाई कर शव बरामद किया। शव बरामदगी के लिए पुलिस को करीब 5 घंटे तक खुदाई करनी पड़ी। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य से जुटाए। देर रात शव अजमेर के जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया गया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर श्याम सिंह रावत समेत 5 जनों को गिरफ्तार किया है।

नागौर हरसौर भकरी हाल अरावली होम्स निवासी पार्थ रेगर ने बुधवार को क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस को रिपोर्ट दी। इसमें पिता लेखराज रेगर की हत्या का संदेह जताया। पुलिस ने हत्या के मामले में संदिग्ध 4-5 जनों को डिटेन किया। पूछताछ के पश्चात उनकी निशानदेही पर केसरपुरा कोटाज के जंगल में जेसीबी से खुदाई शुरू की गई। देर रात पुलिस ने जंगलों में करीब 7 फीट गहरे दफनाए लेखराज का शव बरामद किया। प्रारंभिक पड़ताल में आया कि आरोपियों ने लेखराज की निर्मम हत्या करने के बाद कोटाज के जंगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया। देर रात तक कोटाज के जंगल में भारी पुलिस बल तैनात रहा।

हत्या के बाद चेहरे पर डाला एसिड

प्रारंभिक पड़ताल में आया कि आरोपियों ने लेखराज को अजमेर में जहर खिलाकर हत्या करने के बाद शव कोटाज के जंगल में ले गए, जहां उसके शव पर एसिड डालकर जलाने का प्रयास किया, ताकि पहचान नहीं हो सके। हालांकि विषाक्त और एसिड के संबंध में पोस्टमार्टम के बाद ही खुलासा हो सकेगा।

प्रॉपर्टी विवाद में थी रंजिश

पार्थ ने रिपोर्ट में बताया कि उसके पिता लेखराज रेगर जून 2023 से अरावली होम्स प्रथम में निवास कर रहे हैं। उसकी दादी घेवरी देवी के हिस्से की डूंगरिया खुर्द में जमीन है जो कि उसके पिता के नाम है। इसका काफी समय से पिता के ननिहाल पक्ष से विवाद चल रहा है। पिता लेखराज ने जमीन से कब्जा छुडवाने, कन्वर्ट कराने व अन्य काम के लिए श्यामसिंह रावत से पैसे लेकर उक्त जमीन के बारे में लिखा-पढ़ी कर रखी थी। रावत उसके पिता को पैसे देना बंद कर जमीन को बेचने का दबाव बनाने लगा था, लेकिन उसके पिता ने उसकी बात ना मानकर कुछ समय रुकने के लिए कहा। इसके बाद से श्याम सिंह उसके पिता से रंजिश रखने लगा। वह जमीन हड़पने की फिराक में था।

मनाने निकले थे जन्मदिन

पार्थ ने पुलिस को बताया कि गत 13 अक्टूबर को पिता लेखराज उसे श्यामसिंह रावत का जन्मदिन मनाने मधुसूदन गुरुजी के घर जाने की कहकर बाइक पर निकले, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे। इस पर उसने गुमशुदगी दर्ज करवाई। उसके पिता कि बाइक लावारिस हालत में जनाना अस्पताल रोड पर मिली थी। उसने संदेह जताया कि श्याम सिंह उसके साथियों ने जमीन हड़पने के लिए उसके पिता को अगवाकर बंधक बना रखा है।

Updated on:
16 Oct 2025 02:29 pm
Published on:
16 Oct 2025 02:29 pm