
Ajmer High Security Jail Murder: डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद से राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर की घूघरा हाई सिक्योरिटी जेल चर्चा में है। जेल में जगन गुर्जर की हत्या ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जगन गुर्जर को 29 मार्च 2026 को धौलपुर जिला जेल से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया था। कई राज्यों में दर्ज गंभीर आपराधिक मामलों के चलते उसे हाई सिक्योरिटी निगरानी में रखा गया था। इसके बावजूद जेल के भीतर उसकी हत्या हो गई।
जानकारी के मुताबिक, 29 जून की दोपहर हर दिन की तरह करीब 3 बजे बैरक खोली गई। उस समय जगन गुर्जर जमीन पर बेसुध पड़ा था, जबकि उसके साथ बंद कैदी विष्णु सिंह ने ड्यूटी पर मौजूद प्रहरी से कहा कि उसने जगन गुर्जर को मार दिया है और किसी को उसके पास नहीं जाने की बात कही। इसके बाद वह हंसता हुआ बैरक से बाहर आ गया। सूचना मिलते ही जेल प्रशासन, पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी विष्णु सिंह ने पहले गमछे से जगन का गला घोंटा। जब उसे लगा कि वह अभी भी जीवित हो सकता है, तब उसने हाथों से भी उसका गला दबाया। आरोपी विष्णु किसी भी हालत में जगन को जीवित नहीं छोड़ना चाहता था, क्योंकि वह जानता था कि अगर जगन जिंदा बच गया तो उसकी मौत निश्चित है। हत्या के बाद विष्णु जगन के शव के पास ही लेट गया और बैरक खुलने का इंतजार करता रहा।
जगन गुर्जर पर राजस्थान, MP और UP में हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूट, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों के करीब 128 मामले दर्ज हैं। जगन गुर्जर की हत्या के बाद अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि यह हत्या केवल 2 कैदियों ( विष्णु सिंह और जगन गुर्जर ) के बीच की रंजिश या किसी बड़े आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा है।
दस्यु जगन गुर्जर की हत्या से पहले भी अजमेर की घूघरा हाई सिक्योरिटी जेल का इतिहास कई चर्चित मामलों से जुड़ा रहा है। जानिए यह जेल कब-कब चर्चा में रही-