ajmer news : जिले के विभिन्न विभागों का मुखिया माने जाने वाला कलक्ट्रेट ही शराबियों का अड्डा बना हुआ है तो फिर दूसरे विभागों से उम्मीद भी क्या की जा सकती है। कलक्ट्रेट की छत पर कर्मचारी बेखौफ शराब व बीयर पीते हैं और वहीं छज्जों पर खाली बातलें भी रख देते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन कर्मचारियों को अधिकारियों का कितना डर है।
युगलेश शर्मा. अजमेर.
जिले के विभिन्न विभागों का मुखिया कलक्ट्रेट (collectorate) ही शराबियों का अड्डा बना हुआ है तो फिर दूसरे विभागों से उम्मीद भी क्या की जा सकती है। कलक्ट्रेट की छत पर कर्मचारी बेखौफ शराब व बीयर पीते हैं और वहीं छज्जों पर खाली बातलें भी रख देते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन कर्मचारियों को अधिकारियों का कितना डर है।
कलक्ट्रेट में जिला कलक्टर (collector) सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी बैठते हैं। लेकिन कलक्ट्रेट की छत के हाल देखकर लगता नहीं कि किसी अधिकारी यहां का कभी निरीक्षण किया हो। खास बात यह है कि प्रथम मंजिल पर कई विभाग भी संचालित है जहां छज्जों पर आसानी से शराब और बीयर की खआली बोतलें पड़ी देखी जा सकती है। इन सबके बावजूद यहां शराब पीकर काम करने वालो को कोई रोकने-टोकने वाला नहीं है।
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पत्रिका टीम रविवार दोपहर करीब 2 बजे कलक्ट्रेट की प्रथम मंजिल पर पहुंची तो वहां छज्जों पर अलग-अलग जगह जगह बीयर और शराब की बोतलें पड़ी मिली। यहां तक कि छत पर रखे एक कूलर में भी शराब की खाली बोतल पड़ी हुई है। कुछ जगह छत पर टूटी हुई बोतल के कांच बिखरे पड़े हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब कलक्ट्रेट के ही यह हाल है तो दूसरे विभागों के कर्मचारियों को ड्यूटी के समय पर शराब पीने से कौन रोकेगा। अगर यह कलक्ट्रेट के कर्मचारियों की करतूत नहीं है तो फिर किसकी इतनी हिम्मत है कि वह कलक्टे्रट की छत पर शराब की बोतलें लेकर पहुंच जाए।