अजमेर

…….और पांच बजते ही ताली और थाली से गुंजायमान हुई अजमेर नगरी

जनता कफ्र्यू : अपने घर में ताली , थाली और शंखनाद कर वातावरण को शुद्ध कर देश के रखवालों का शुक्रिया अदा
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Mar 22, 2020
ताली और थाली से गुंजायमान हुई अजमेर नगरी , दिखी कौमी एकता की झलक
ताली और थाली से गुंजायमान हुई अजमेर नगरी , दिखी कौमी एकता की झलक

अजमेर . कोरोना वायरस से आमजन को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आव्हान पर शाम 5 बजे लोगों ने अपने खिड़की-दरवाजों पर खड़े होकर डॉक्टरों, पुलिस वालों, मीडिया कर्मियों, सफाई कर्मियों, होम डिलीवरी करने वालों का 5 मिनट तक आभार व्यक्त किया। अजमेर नगरी में कौमी एकता की झलक दिखी । जहाँ जायरीन ने भी ताली व थाली बजाकर जोश व उत्साह के साथ पूर्ण रूप से इस राष्ट्रव्यापी मुहिम में भागीदारी निभाई।

घंटी बजाने के पीछे का वैज्ञानिक कारण
मंदिर घर का हो या किसी धार्मिक स्थल का । वहां घंटी तो होती ही है। इसके पीछे एक धार्मिक कारण तो होता ही है। साथ ही एक वैज्ञानिक कारण भी होता है जिसका हम सभी के जीवन पर भी गहरा असर होता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि मंदिर मेंं जब घंटी बजाई जाती है तो वातावरण में कंपन पैदा होता है। जो वायुमंडल के कारण काफी दूर तक जाता है। वातावरण में होने वाले इस कंपन का फायदा यह है कि इसके क्षेत्र में आने वाले सभी जीवाणु ,विषाणुं और सूक्ष्म जीव आदि नष्ट हो जाते हैं, जिससे आसपास का वातावरण शुद्ध हो जाता है। तो आइये हम सभी ये वचन लें कि आज शाम पांच बजे हम भी अपने घर में ताली , थाली और शंखनाद कर वातावरण को शुद्ध कर देश के रखवालों का शुक्रिया अदा करें।

ताली बजाने का ये है फायदा
ताली बजाने से हमारे शरीर में ऑक्सीजन का फ्लो सही तरीके से होता है जिससे हमारे फेफ ड़ों में ऑक्सीजन सही तरीके से पहुंचती है ओर हम स्वस्थ रहते हैं।

Published on:
22 Mar 2020 07:02 pm