अपहृत बालिका जिया व अपहर्ता को गांधीधाम से लेकर अजमेर पहुंची पुलिस
अजमेर.
ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह से गत 29 मई को अपहृत बच्ची जिया रविवार को अजमेर पहुंच गई। उसे लेकर पुलिस दल गांधीधाम (गुजरात) से बच्ची व उभीख मंगवाने के लिए किया था अगवा से अपहरण कर ले जाने वाले आरोपी को लेकर अजमेर पहुंचा। बच्ची का अपहरण भीख मंगवाने के लिए किया जाना बताया जा रहा है। आरोपी को सोमवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप के अनुसार बुलंदशहर (उत्तप्रदेश) के खुर्जा निवासी आशा अग्रवाल अपने तीन बच्चों के साथ करीब डेढ़ महीने पहले अजमेर आई थी। वह दरगाह में हाजिरी दे रही थी। गत 29 मई की शाम करीब 7 बजे उसकी तीन वर्षीय पुत्री जिया दरगाह परिसर से लापता हो गई। मामले में पुलिस ने दरगाह थाने, अभय कमांड सेन्टर और आरपीएफ के कन्ट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। कैमरों की फुटेज में एक 20-22 साल का युवक 29 मई की शाम 7.05 बजे बालिका को गोद में उठाकर दरगाह की शाहजानी मस्जिद से महफिलखाना से लंगरखाना गेट होता हुआ दरगाह से बाहर निकला। यहां से पन्नीगरान चौक होता हुआ शाम करीब 7.22 क्लॉक टावर की तरफ वाले रेलवे स्टेशन की ओर जाता दिखा। रेलवे स्टेशन पर पुलिया से प्लेटफार्म नंबर दो पर दिखाई दिया। अगले दिन 30 मई को आरोपी भुज की ओर जाने वाली बरेली-भुज ट्रेन में चढ़ता हुआ दिखा। इस पर एक टीम भुज रवाना की गई। साथ ही सभी रेलवे स्टेशनों पर फुटेज भेजकर अलर्ट किया गया। इस दौरान गांधीधाम में आरपीएफ व जीआरपी की मदद से अपहर्ता पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी मोहम्मद सागर को पकड़ लिया गया। बच्ची को सुरक्षित दस्तयाब किया गया।
चकमा देने के प्रयास
आरोपी मोहम्मद सागर ने पुलिस को चकमा देने का पूरा प्रयास किया। लेकिन सफल नहीं हुआ। वह स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 से 7.26 बजे बांद्रा की ओर जाने वाली ट्रेन में बैठा और 7.38 बजे वापस ट्रेन से उतर कर पुल के नीचे की ओर गया। उसके बाद ओझल हो गया। 30 मई को वह सुबह 9.05 बजे भुज की ओर जाने वाली ट्रेन में बैठता दिखाई दिया। इस पर दरगाह थाने के उपनिरीक्षक गुमान सिंह टीम के साथ भुज की ओर गए। महिला की ओर से अपने पति पर शक जाहिर करने पर पुलिस की एक टीम यूपी भी गई थी।
बहला फुसलाकर की वारदात
मौहम्मद सागर पिछले कुछ समय से अजमेर में ही रह रहा है। बच्ची की मां भी करीब डेढ़ महीने से अजमेर में है। वह रोज दरगाह में हाजरी देती है। इस दौरान आरोपी ने बच्ची से जान-पहचान बना ली और उसे ले गया। पूछताछ में भी आरोपी मौहम्मद सागर ने पुलिस को कहा कि बच्ची मुझसे घुल मिल गई थी। इसलिए ले गया। फिर कौन था वृद्ध? दरगाह के सीसीटीवी कैमरों में एक वृद्ध बच्ची से बात करता दिखाई दिया था। उसने जिया से बात की इसके बाद वह शाहजानी मस्जिद की ओर चला गया। सीसीटीवी कैमरों में भी मौहम्मद सागर शाहजानी मस्जिद में से महफिल खाना गेट की ओर जाता दिखाई दिखाई दिया है। ऐसे में इसमें किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
ये रहे पुलिस टीम में टीम में
वृताधिकारी सुरेन्द्र सिंह, दरगाह थानाधिकारी हेमराज, क्लॉक टावर थानाधिकारी सूर्यभान सिंह, आरपीएफ के विश्राम मीणा, जीआरपी थानाधिकारी रामअवतार चौधरी, जालाराम, एसआई गुमान सिंह व रणजीत सिंह, एएसआई शिशुपाल, उगमाराम व प्रेमकुमार, राकेश सिंह, सूरजकरण, कैलाशचंद, सुभाषचंद, रामकुमार, मनोहर सिंह, सुनील, जोगेन्द्र सिंह, महिपाल सिंह, रतन सिंह, मुकेश सारण शामिल थे।