चारागाह के लिए क्षतिपूर्ति के रूप में कायड़ के बजाय नरवर में जमीन देगा जमीन मेडिकल कॉलेज विस्तार में कायड़ में आ रही है 24 हेक्टेयर चारागाह भूमि
अजमेर.कायड़ क्षेत्र में जेएलएन मेडिकल कॉलेज JLN Medical College विस्तार extension के लिए चिन्हित भूमि में से आ रही 24.8120 हेक्टेयर चारागाह भूमि की बाधा का समाधान अजमेर विकास प्राधिकरण ने निकाल लिया है। प्राधिकरण इस भूमि के बदले नरवर में इतनी ही भूमि उपलब्ध करवाएगा। नरवर के खसरा नम्बर 17,19,21,27,28,29,32,33 व 34 की किश्म गैर मुमकिन पहाड़,बारानी तथा गैर मुमकिन नाला भूमि रिक्त पड़ी है। एक ही जगह पर यह भूमि नियमानुसार चारागाह के लिए उपयुक्त है। नरवर में चरागाह के बदले भूमि आवंटित की जाए तो प्राधिकरण को आपत्ति नहीं है। यह खसरे मास्टर प्लान के अनुसार ग्रीन बेल्ट में है। District Collector पूर्व में जिला प्रशासन ने चारागाह के रूप दर्ज भूमि के बदले कायड़ गांव मे के खसरा नम्बर 3876 की 6.4248 हेक्टेयर भूमि,खसरा नम्बर 3878/5087 की 1.4600 हेक्टेयर भूमि, 5446/3876 की 1.9500 हेक्टर भूमि, खसरा नम्बर 4002 की 9.2100 हेक्टेयर,4003 की 0.2900 हेक्टेयर,4010/4778 की 0.7000 तथा खसरा नम्बर 5452/5087 खसरा नम्बर की 4.7572 हेक्टेयर भूमि किश्म बारानी को चारागाह के रूप में आवंटित किए जाने का प्रस्ताव प्राधिकरण को दिया था साथ ही प्राधिकरण की टिप्पणी व एनओसी,सभी खसरों की खसरावार मौका रिपोर्ट, यदि निकट भविष्य में कोई योजना प्रस्तावित है तो उसका विवरण,प्रस्तावित खसरों का मास्टर प्लान में उपयोग की जानकारी मांगी थी।
इसलिए कायड़ में नहीं हो सकता आवंटन
एडीए की रिपोर्ट के अनुसार ग्राम कायड़ के चारागाह खाते में दर्ज खसरों की अजमेर मास्टर प्लांन 2023 के अनुसार प्रस्तावित खसरों बीच 200 फीट सड़क प्रस्तावित है जिसके दोनों ओर 100-100 फीट वृक्षारोपण पट्टी के लिए आरक्षित है। प्रश्नगत भूमियों का उपयोग भू-उपयोग प्रस्तावित सड़क के उत्तर में भूमि परिधि नियंत्रण एंव सड़क के दक्षिण में आवासीय योजनार्थ आरक्षित है। प्रस्तावित चारागाह भूमि के आवंटन से पूर्व संस्थानिक प्रयोजनार्थ भू-उपयोग परिवर्तन कराया जाना उचित होगा। उपखंड अधिकारी द्वारा जिन प्राधिकरण स्वामित्व के खसरों को चरागाह क्षतिपूर्ति के लिए प्रस्तावित किया गया है। वह प्राधिकरण की बहुमूल्य एवं कीमतन भूमियां है। दर्ज है। तीन खसरों की भूमि एनएच 89 में आवाप्त (पुष्कर मार्ग बाईपास) है।
मेडिकल कॉलेज विस्तार के लिए चाहितए 165 बीघा जमीन
जेएलएन मेडिकल कॉलेज विस्तार विस्तार के लिए 165 बीघा (करीब 28 हेक्टेयर) जमीन की आवश्यक है। इसमें 3.26 भूमि एडीए के नाम जबकि 24.79 हेक्टेयर भूमि चारागाह के रूप में दर्ज है। कॉलेज विस्तार पर 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे। चिकित्सा शिक्षा (ग्रुप-1) इसके लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर चुका है। मेडिकल कॉलेज के अनुसार वर्तमान में संचालित जेएलएन मेडिकल कॉलेज का स्थान परिवर्तन करने से जेएलएन अस्पताल का विस्तार मेडिकल कॉलेज परिसर में किया जा सकेगा जिससे आजमन को चिकित्सा सुविधाओं में लाभ प्राप्त होगा। वर्तमान में संचालित मेडिकल कॉलेज में 150 छात्र-छात्राओं का प्रतिवर्ष प्रवेश किया जा रहा है जिसकों अब राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त होने के बाद 150 से 250 छात्र- छात्राओं का प्रवेश किया जाना प्रस्तावित है।
यह होगा निर्माण
एडमिनिस्टे्रटिव ब्लॉक,कॉलेज बिल्डिंग,कॉलेज कॉउंसिल हॉल,4 लेक्चर थिएटर, सेंट्रल लाइब्रेरी, 2 एक्जामिनेशन हॉल,ऑडिटोरियम, यूजी बॉय व गल्र्स के लिए हॉस्टल,इन्टर्न बॉय व गल्र्स हॉस्टल, प्रिंसिपल के लिए बंगला, गेस्ट हाउस,बैंक, टेक्नीकल व नॉन टेक्नीकल स्टाफ के लिए क्वार्टर्स,सेंट्रल लैब, सेंट्रल फोटोग्राफिक सेक्शन, सेंट्रल वर्कशाप, सेंट्रल इनसिनेटर प्लांट,मेडिकल एजुकेशन यूनिट/ टे्रनिंग सेंटर, सेंट्रल रिसर्च लैब,आईटी सेल,प्ले ग्राउंड, स्वीमिंग पूल, जिम, वर्कशाप व इलेक्ट्रिक रूम, एसटीपी/ईटीपी,पम्प रूम, एनिमल हाउस,डिपार्टमेंट ऑफ ऑडियो विडियो एआईडी, एनाटोमी, फिजियोलॉजी, बॉयो केमेस्ट्री, पैथोलॉजी, माइक्रो बायोलॉजी, फार्मोकॉलोजी,फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सीकॉलोजी, कम्यूनिटी मेडिसिन,ब्लड बैंक तथा सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।