
भूपेन्द्र सिंह
अजमेर.कोरोना coronaवायरस के कारण चल रहे लॉक डाउन के कारण उद्योग धंधे बंद होने से पहले ही प्रवासी श्रमिक labour रेशान हैं। shelter homeशेल्टर होम में दिन गुजार रहे इन मजदूरों को घर वापसी के नाम पर मंगलवार को रेलवे railwayका मजाक Joking भी झेलना पड़ गया। अजमेर, ब्यावर व मसूदा के शेल्टर होम से रह रहे 200 प्रवासी बिहारी मजदूरों को जिला प्रशासन ने रोडवेज बसों के जरिए भेजने की तैयारी कर ली थी। ब्यावर से 107, अजमेर से 61, खरवा, मसूदा से 36 मजदूरों को बिहार भेजने के लिए रोडवेज की 6 बसों से 8.30 बजे जयपुर रेलवे स्टेशन के लिए रवाना कर दिया गया। यहां से दोपहर 2 बजे बिहार स्पेशल ट्रेन रवाना होनी थी लेकिन आधे halfway रास्ते में ही रेलवे ने जिला प्रशासन को सूचना दी कि जयपुर से बिहार जाने वाली स्पेशल ट्रेन फुल हो गई इसलिए अब इनमें अजमेर के मजदूरों को नहीं बैठाया जा सकता। इसके बाद बिहारी मजदूरों से भरी हुई बसें दूदू से वापस returned लौटीं। मजदूरों को बांदर सिंदरी के पास एक स्कूल में बने शेल्टर होम में ठहराया गया।दोबारा भेजेंगें
रेलवे का कहना है कि जब दोबार बिहार की स्पेशल ट्रेन चलेगी तो इन्हें भेजा जाएगा। रेलवे ने सोमवार को भी बिहार की स्पेशल ट्रेन चलाने की बात कही थी लेकिन ट्रेन नहीं चलने से मजदूरों को रवाना नहीं किया जा सका। गौरतलब कि अजमेर के विभिन्न शेल्टर होम में 248 बिहारी प्रवासी श्रमिक रहे रहें। इन्हें बिहार भेजा जाना है। जबकि यूपी व एमपी के मजूदरों को भेजा जा चुका है।
तीन बार तय किया किराया व स्टेशन
रेलवे ने जयपुर से बिहार जाने वाली स्पेशल ट्रेन का किराया व स्टेशन मंगलवार को तीन बार तय किया। पहले बताया गया कि ट्रेन पटना जा रही है और एक व्यक्ति का किराया 390 रुपए होगा। एडीआरएम ने दूसरी बार जानकारी दी कि ट्रेन अब दानापुर जाएगी और किराया 525 रुपए होगा। जबकि तीसरी बार तय किया गया ट्रेन जयपुर से सीधे कटिहार जाएगी इसलिए किराया 605 रुपए लगेगा। किराया भी जमा करवा के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन ने किराया जमा करवाने की प्रकिया भी शुरु कर दी लेकिन इस बीच रेलवे ने सूचना दी कि अब ट्रेन में जगह नहीं हैं।