अजमेर

कश्मीरियों ने तो 1947 में ही दे दिया था संदेश- आरिफ मोहम्मद

kashmir issue : केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने कहा कि कश्मीर की अवाम ने 1947 में ही पाकिस्तान के हमले का जवाब देकर यह संदेश दे दिया था कि वे हिन्दुस्तान के साथ हैं। ख्वाजा साहब की दरगाह जियारत के लिए आए आरिफ मोहम्मद ने यहां दरगाह दीवान जैनुअल आबेदीन के निवास पर पत्रिका से बातचीत में यह कहा।

less than 1 minute read
Sep 21, 2019
कश्मीरियों ने तो 1947 में ही दे दिया था संदेश- आरिफ मोहम्मद

अजमेर. केरल के राज्यपाल (kerala governor)आरिफ मोहम्मद ने कहा कि अक्टूबर 1947 में जब पाकिस्तान ने हमला बोला था तो हमारी फौज को किसी कारणवश वहां पहुंचने में वक्त लग गया, तब पांच दिन तक कश्मीर (kasmir) के लोग ही पाकिस्तान से लड़ रहे थे। उस वक्त उन्होंने जो संदेश दिया था उसे ही आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के पक्ष में अजमेर दरगाह दीवान (dargah diwan) के बयान को जो लोग पचा नहीं पा रहे हैं, वो लोग इतना मायने नहीं रखते। उन लोगों की परवाह किए बगैर हमें बराबरी के साथ आगे बढऩा होगा। हमें बाहर से होने वाले किसी भी खतरे का मुकाबला कर अंदरूनी एकता को मजबूत करना होगा।

ख्वाजा साहब की दिखाई तस्वीर

ख्वाजा साहब की दरगाह के दीवान जैनुअल आबेदीन अली खान ने अपने निवास पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद को ‘द श्राइन एंड कल्ट ऑफ मोइनुद्दीन चिश्ती ऑफ अजमेर’ पुस्तक भेंट की। इस पुस्तक में ख्वाजा साहब की एक तस्वीर भी बनाई गई है। इसी पुस्तक से दरगाह दीवान ने ख्वाजा साहब की तस्वीर को बड़ा बनवाकर फ्रेम तैयार करवा रखा जिसे भी राज्यपाल आरिफ मोहम्मद को दिखाई गया। राज्यपाल ने भी उस तस्वीर को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। दरगाह दीवान के पुत्र नसीरूद्दीन ने बताया कि ख्वाजा साहब की यह तस्वीर एक पेंटर ने बताए गए हुलिए के अनुसार बनाई थी।

Published on:
21 Sept 2019 03:08 am
Also Read
View All