
अजमेर. लॉकडाउन के चलते किशनगढ़ से चित्तौडग़ढ़ तक निर्माणाधीन सिक्सलेन हाइवे का कार्य बंद था। इससे श्रमिक बेकार बैठे थे। वहीं निर्माण कम्पनी को नुकसान हो रहा था,लेकिन इन दिनों केन्द्र सरकार की अनुमति के बाद काम शुरू हो गया।
इन दिनों मिट्टी का कार्य प्रगति पर है। नसीराबाद हाइवे पर करीब सालभर से सिक्सलेन हाइवे का निर्माण कार्य चल रहा है। किशनगढ़ के निकट इस हाइवे से नसीराबाद, भीलवाड़ा, चित्तौैडग़ढ़ जाने वाले वाहन गुजरते हैं।
यातायात के दबाव को देखते हुए ही कुछ साल पहले इसे फोरलेन से सिक्सलेन में परिवर्तित करने का निर्णय किया गया था,ताकि यातायात आसानी से निकल सके।
सोशल डिस्टेंसिंग की पालना
वर्तमान में किशनगढ़ से गुलाबपुरा, चित्तौैड़, देबारी उदयपुर होते हुए अहमदाबाद तक इसको फोरलेन से सिक्सलेन करने का कार्य चल रहा है। इस दौरान मजदूर सोशल डिस्टेंसिंग की पालना कर रहे हैं। वर्ष 2018 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था। किशनगढ़ से गुलाबपुरा करीब 90 किलोमीटर का कार्य इस वर्ष अगस्त में पूरा करने का लक्ष्य है। ठेका कंपनी के हरकीत सिंह ने बताया कि कार्य करते समय केंद्र सरकार की गाइड लाइन का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। वर्तमान में मजदूरों की कमी भी है, जितने मजदूर है उन्हीं से कार्य करवाया जा रहा है। हाइवे पर यातायात कम होने से भी कार्य करने में मदद मिल रही है। वर्तमान में अर्थवर्क सहित अन्य तकनीकी कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
कई औद्योगिक क्षेत्र मौजूद
यहां कई औद्योगिक क्षेत्र स्थित है। रीको औद्योगिक क्षेत्र, टेक्सटाइल पार्क, उदयपुर खुर्द, मिनरल्स एवं ग्रेनाइट इकाइयां आदि स्थित हैं। इसके साथ ही पीटीएस का परिसर, सिलोरा में पंचायत समिति कार्यालय एवं कई राजकीय विद्यालय भी स्थित है। इसके चलते करीब 400 व्यवसायी, 3000 से अधिक मजदूरों और कर्मचारियों का भी आवागमन होता है। साथ ही आसपास के गांवों से किशनगढ़ सैकड़ों ग्रामीण आवागमन करते हैं। वर्तमान में लॉकडाउन के चलते आवागमन बंद है।
सिक्सलेन बनने से मिलेगी राहत
सिलोरा औद्योगिक क्षेत्र के व्यवसायी राकेश जामड़ ने बताया कि इस कार्य के पूरा होने पर लोगों और ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी। सिक्सेलन होने के बाद वाहन जल्द निकल सकेंगे और साथ ही वाहनों को निकलने के लिए जगह भी अधिक मिल जाएगी। इसके साथ ही कई जगह अंडरपास बनाए जाने पर हादसों में भी कमी आएगी