अजमेर

साल का अंतिम सूर्यग्रहण 4 दिसंबर को, नहीं मान्य होगा सूतक काल

उपछाया होगा यह ग्रहण, भारत में नहीं दिखेगा साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर को लगने जा रहा है। चंद्र ग्रहण की तरह ही सूर्य ग्रहण भी एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है। Óयोतिष में ग्रहण को अशुभ घटनाओं में गिना जाता है। इस वजह से ग्रहण के दौरान शुभ कार्य और पूजा पाठ वर्जित माने जाते हैं। मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य पीडि़त हो जाते हैं, जिस कारण सूर्य की शुभता में कमी आ जाती है।  
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Updated: 22 Nov 2021, 1:42 AM IST
Solar eclipse
Solar eclipse will not affect India in bhilwara

धौलपुर. साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर को लगने जा रहा है। चंद्र ग्रहण की तरह ही सूर्य ग्रहण भी एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है। Óयोतिष में ग्रहण को अशुभ घटनाओं में गिना जाता है। इस वजह से ग्रहण के दौरान शुभ कार्य और पूजा पाठ वर्जित माने जाते हैं। मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य पीडि़त हो जाते हैं, जिस कारण सूर्य की शुभता में कमी आ जाती है।

इतने समय लगेगा सूर्य ग्रहण

Óयोतिषाचार्यों के मुताबिक चंद्र ग्रहण के बाद साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर दिन शनिवार को लगेगा। इस दिन मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है। सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर की सुबह 10:59 बजे शुरू होगा, जो दोपहर 0&:07 बजे समाप्त होगा।

भारत में नहीं देगा दिखाई

इस ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा। साल का आखिरी सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमरीका में दिखाई देगा। Óयोतिष के अनुसार भारत दिखाई नहीं देने से इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। वैसे तो सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। यह ग्रहण उपछाया होगा। Óयोतिष शास्त्र के अनुसार, पूर्ण ग्रहण होने पर ही सूतक काल मान्य होता है। आंशिक या उपछाया होने पर सूतक नियमों का पालन अनिवार्य नहीं होता है।

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