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Rajasthan : सोना-चांदी में फिर लौटा रुझान, कीमतों में आई गिरावट, ऑर्डर होने लगे बुक, दुकानदार खुश

Gold-Silver Rate : अजमेर. सोने-चांदी का बाजार फिर गुलजार होने लगा है। अन्तरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव टूटने से कीमतों में गिरावट हुई है। अब लोग फिर से सोना और चांदी में इन्वेस्ट करने लगे है।
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अजमेर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 28 Oct 2026, 7:00 AM IST

gold silver rate fall orders started getting booked ajmer shopkeepers happy

Ajmer Gold-Silver Rate : प्रतीकात्मक फोटो एआइ से बनाया गया है।

Rajasthan : अजमेर. सोने-चांदी का बाजार फिर गुलजार होने लगा है। अन्तरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव टूटने से कीमतों में गिरावट हुई है। अब लोग फिर से सोना और चांदी में इन्वेस्ट करने लगे है। 6 नवम्बर को धनतेरस और 20 नवम्बर को देवउठनी एकादशी होने से अबूझ सावों पर शादी-ब्याह की धूम रहेगी। शादी-ब्याह वाले परिवारों में सोने-चांदी की ज्वैलरी बनाने के ऑर्डर बढ़ने लगे है। महिलाओं में हल्की ज्वैलरी का चलन बढ़ने से सोने-चांदी के बाजार में विभिन्न डिजाइन की ज्वैलरी की मांग भी बढ रही हैं। लम्बी रुकावट के बाद इस बाजार में फिर से उठाव होने लगा है। सोने-चांदी के सिक्कों की बिक्री भी बढ़ गई है। धनतेरस पर 10 और 20 ग्राम के चांदी और 1 से 10 ग्राम के सोने के सिक्कों की ज्यादा बिक्री होती है। दीपावली और देव उठनी एकादशी का सोना-चांदी से गहरा कनेक्शन है। दोनों अवसरों पर अबूझ मुहूर्त बना रहता है।

शुभ होता है इस दिन खरीदना

धनतेरस को भगवान धन्वंतरि और कुबेर का दिन माना जाता है। मान्यतानुसार इस दिन सोने-चांदी की खरीद करने पर लक्ष्मी 13 गुना तक बढ़ती है। ऐसे में सोना-चांदी खरीदना ज्वैलरी ही नहीं बल्कि लक्ष्मी को घर में रोकने का उपाय भी है। इस दिन मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं पड़ती। देव उठनी एकादशी पर दीपावली के बाद साल का सबसे बड़ा अबूझ सावा है। इस दिन भगवान विष्णु 4 महीने की नींद से जागते हैं और उसी दिन से सारे मांगलिक काम जिनमें शादी, मुंडन, गृह प्रवेश शुरू होते हैं। जो परिवार दीपावली पर सोने-चांदी की खरीद नहीं कर पाते, वो इस दिन खरीदते हैं। खासकर शादी वाला सोना इसी दिन सबसे ज्यादा बिकता है।

अजमेर में इतना बिकता है सोना

एक अनुमान के अनुसार अजमेर में तीन दिन धनतेरस से दीपावली तक सोना-चांदी की बिक्री करीब 120 से 180 करोड़ रुपए की होती है। यह बिक्री केवल अजमेर शहर के सर्राफा बाजार नला बाजार, मदार गेट, केसर गंज में हो जाती है। धनतेरस के एक ही दिन में 70 से 90 करोड़, देवउठनी एकादशी पर शादियों के कारण 60 से 80 करोड़ सोना-चांदी बिकता है।

क्या कहते हैं ज्वैलर्स

नया बाजार स्थित एसएएस ज्वैलर्स के सत्यनारायण सोनी ने बताया कि सालभर में सोने और चांदी की सर्वाधिक बिक्री धनतेरस और एकादशी और अक्षया तृतीय पर होती है। धनतेरस पर 70 फीसदी सोने के 2 से 10 ग्राम के सिक्के और चांदी की बिक्री शादी वाले हार सेट में होती है। लंबी रुकावट के बाद इस बार अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है।

धनतेरस पर बाजार में रहती है ज्यादा भीड़, होती है अच्छी खरीदारी - अनुज अग्रवाल

वैशाली नगर स्थित तनिष्क शोरुम के संचालक अनुज अग्रवाल का कहना है कि धनतेरस पर बाजार में भीड़ ज्यादा रहती है। अच्छी खरीदारी रहती है। शगुन के तौर पर 2 ग्राम का सिक्का, 5 ग्राम की गिन्नी ज्यादा ख्ररीदी जाती है। देव उठनी पर शादी का सीजन होने से ग्राहक अधिक आते है। उसे रेट से मतलब नहीं, डिजाइन से मतलब है। इसलिए देव उठनी पर वैल्यू सेल धनतेरस से 30 प्रतिशत ज्यादा बढ़ जाती है। इस बार चांदी में गिरावट होने से भी खरीदारी अधिक होने की संभावना है।

देवउठनी पर चांदी के मुकाबले सोना अधिक चलता है - विकास ललवानी

नया बाजार ललवानी ज्वैलर्स के विकास ललवानी के अनुसार पहले लोग कहते थे धनतेरस का मतलब ही सोना और चांदी की खरीद होती है। कुछ साल में चांदी की मूर्ति, सिक्के और बर्तन का ट्रेंड बढ़ा है। ग्राहकों में अब युवाओं की संख्या भी अधिक हुई है। शादी-ब्याह के अलावा सामान्य दिनों में भी युवा सोना पहनना पसंद कर रहा है। देवउठनी पर चांदी के मुकाबले सोना अधिक चलता है।

अच्छी बिक्री होने के हैं संकेत - इप्शित भारद्वाज

आर.आर.ज्वैलर्स के इप्शित भारद्वाज का कहना है कि धनतेरस पर अकेले उनके यहां 4 किलो से ज्यादा चांदी बिक जाती है। ग्राहकों का विश्वास बना हुआ है। उसे बरकरार रखते हुए इस बार भी बडी संख्या में 10,20, 50 और 100 ग्राम में सिक्के तैयार करवाए जा रहे है। लोग इन्वेस्टमेंट समझ कर लेते हैं। देव उठनी पर सोने की सर्वाधिक बिक्री होती है। इस बार तीन दिन की दीपावली और एकादशी पर अच्छी बिक्री होने के संकेत है।

नया ट्रेंड है लाइटवेट और लैब डायमंड का - राकेश डीडवानिया

वैशाली नगर, श्यामा ज्वैलर्स के संचालक राकेश डीडवानिया ने बताया कि नया ट्रेंड है लाइट वेट और लैब डायमंड। धनतेरस पर युवतियां अधिक आती हैं। उनमें हल्की ज्वैलरी 3 ग्राम तक के ऑफिस वियर हार व अन्य सोने की ज्वैलरी की मांग रहती है। देवउठनी पर महिलाओं और शादी वाले परिवार में 22 कैरेट में ठोस हार, टेवटा, रकडी, बाजूबंद जैसी मांग अधिक रहती है। इसलिए 2 कलेक्शन रखते हैं। धनतेरस कलेक्शन में (1 से 8 ग्राम) और देव उठनी कलेक्शन 20 ग्राम से ऊपर रहता है। देव उठनी में कारीगरी में पैसा ज्यादा लगता है।

धनतेरस और शादी-ब्याह पर ही ज्यादा होती है बिक्री - विक्रम जैन

नया बाजार के सुरेश चन्द रमेश चन्द जैन के संचालक विक्रम जैन के अनुसार सोने-चांदी की बिक्री का समय धनतेरस और शादी-ब्याह पर ही ज्यादा रहता है। सामान्य दिनों में ग्राहकी कम होती है। धनतेरस पर शगुन के लिए चांदी-सोने के लक्ष्मी गणेश, चांदी की कटोरी, लाइटवेट सोने में नाक की लौंग, छोटी अंगूठी और 2 से 3 गाम का पेंडैंट ज्यादा खरीदा जाता है। करीब 5 हजार से 50 हजार तक का बजट होता है।

पहले से ही तैयार करवा लिए जाते है चांदी के सिक्के - पुनीत सोनी

पुरानी मण्डी के एलएस ज्वैलर्स के पुनीत सोनी ने कहा कि देवउठनी पर 22 कैरेट सोने में महिलाओं के लिए हार झुमका, मांग टीका, चूडा-कंगन, मंगलसूत्र और नथ, पुरुषों में सोने की चेन, ब्रेसलेट, कान के लौंग और अंगूठी की मांग ज्यादा रहती है। इनका बजट 2 लाख से 15 लाख तक रहता है। धनतेरस पर सोने-चांदी के सिक्कों की मांग ज्यादा रहती है। इसलिए पहले ही चांदी के सिक्के तैयार करवा लिए जाते है।

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