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अजमेर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अपने सिलेबस में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। बोर्ड ने दसवीं में कंप्यूटर विज्ञान और बारहवीं में आईटी व कंप्यूटर साइंस विषय के साथ 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' को नए विषय के रूप में जोड़ने की तैयारी कर ली है। सबकुछ योजना के अनुरूप रहा तो अगले सत्र से दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थी एआई की पढ़ाई भी करेंगे। अगले सत्र से संभावना पाठ्यक्रम तैयार करने में जुटे विषय विशेषज्ञों के अनुसार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के तहत एआई, कोडिंग और डेटा साइंस को स्कूल स्तर से ही पढ़ाना आवश्यक किया जा चुका है। सीबीएसई 2023 में ही नवीं से बारहवीं कक्षा के लिए एआई को स्किल विषय के रूप में जोड़ चुका है। राजस्थान बोर्ड ने इस पैटर्न पर पाठ्यक्रम रिवीजन कमेटी बनाकर काम शुरु करवा दिया है। अगले सत्र 2027-28 से एआई को चैप्टर या अलग पेपर के रूप में शामिल किया जाएगा।
विषय विशेषज्ञों के अनुसार इस फैसले से सरकारी स्कूलों के लाखों छात्रों को सीधा फायदा मिल सकेगा। दसवीं के विद्यार्थियों के लिए अभी तक कंप्यूटर विषय एमएस वर्ड और एक्सल तक सीमित है। एआई जुड़ने के बाद विद्यार्थी चैट जीपीटी, मशीन लर्निंग और डेटा का बेसिक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे। जबकि बारहवीं में एआई पढ़ने के बाद छात्र-छात्राएं सीधे जॉब मार्केट के लिए तैयार हो जाऐंगे। उन्हें इंजीनियर, डेटा लेबलिंग, एआई ऑपरेटर जैसे स्किल बेस्ड जॉब बारहवीं के बाद ही मिल सकेंगे। जेईई, सीयूईटी और उच्च शिक्षा के लिए विदेशी शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश के लिए भी एआई प्रोजेक्ट सर्टिफिकेट मददगार साबित होगा।
अभी तक एआई की पढ़ाई राजस्थान में कोटा और जयपुर जैसे शहरों के निजी कोचिंग संस्थानों तक ही सीमित है। राजस्थान बोर्ड में विषय जुड़ते ही प्रदेशभर के ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को भी बराबर अवसर मिल सकेगा। हालांकि एआई को शामिल करने के बाद सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब, हाई-स्पीड इंटरनेट और प्रशिक्षित शिक्षकों के इंतजाम करना बड़ी चुनौती होगी।
बोर्ड कक्षाओं के पाठ्यक्रम में एनईपी के तहत बदलाव किया जा रहा है। अगले सत्र से नया पाठ्यक्रम लागू किया जाना है। इसके लिए विषय विशेषज्ञों की विभिन्न स्तर पर कार्यशाला करवाई जा रही हैं। एनईपी में एआई भी शामिल है। दसवीं-बारहवीं में आईटी और कम्प्यूटर सांइस के विषय में भी बदलाव कर शुरुआती स्तर पर एआई को इसमें जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। इसके बाद एआई अलग से पढाया जाने वाला विषय होगा।
- कैलाश चन्द्र शर्मा, सचिव, माशिबो-राजस्थान, अजमेर
Updated on:
29 Oct 2026, 9:44 AM IST
Published on:
29 Oct 2026, 9:44 AM IST
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