
अजमेर.
लॉ कॉलेज को 13 साल बाद दो व्याख्याता मिले हैं। कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने राजस्थान लोक सेवा आयोग से चयनित व्याख्याताओं का पदस्थापन कर दिया है। हालांकि बार कौंसिल के नियमों के अनुसार कॉलेज में अभी भी शिक्षकों की कमी बनी रहेगी।
वर्ष 2005-06 में प्रदेश में 15 लॉ कॉलेज स्थापित हुए। इनमें अजमेर, भीलवाड़ा, सीकर, नागौर, सिरोही, बूंदी, कोटा, झालावाड़ और अन्य कॉलेज शामिल हैं। इनको बार कौंसिल ऑफ इंडिया से स्थाई मान्यता नहीं मिल पाई है। इन्हें प्रतिवर्ष संबंधित विश्वविद्यालय का सम्बद्धता पत्र, निरीक्षण रिपोर्ट और पत्र भेजना पड़ता है। कॉलेज यूजीसी के नियम 12 (बी) और 2 एफ में पंजीकृत ही नहीं हुए हैं।
मात्र चार शिक्षक थे कॉलेज में
कॉलेज में पिछले चार-पांच साल से मात्र चार शिक्षक थे। यहां के एक रीडर लम्बे अर्से से कॉलेज शिक्षा निदेशालय में पदस्थापित हैं। सेवानिवृत्तियों के चलते यहां हर साल शिक्षकों की संख्या कम होती चली गई है। स्थाई मान्यता नहीं मिलने के पीछे शिक्षकों की कमी भी बढ़ा कारण रही है।
निदेशालय से मिले दो शिक्षक
राजस्थान लोक सेवा आयोग से चयनित व्याख्याताओं का निदेशालय ने पदस्थापन किया है। इसके तहत लॉ कॉलेज में नीलिमा चौधरी और फातिमा ने पदभार ग्रहण किया है। तीसरे शिक्षक हर्ष इनाणिया मुम्बई में भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण में विधि अधिकारी पद पर कार्यरत हैं। वे वहां से रिलीव होने के बाद नवम्बर में पदभार संभालेंगे।