अजमेर

आतंकियों की हिट लिस्ट में है ब्रह्मा मंदिर, एक हैड कांस्टेबल के भरोसे लाखों जान

प्रतिदिन दर्शनों के लिए आने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं की जांच एक हैडकांस्टेबल के भरोसे है।

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Nov 23, 2017
security reduce in Pushkar brahma temple

महावीर भट्ट /पुष्कर।

आंतकी हिटलिस्ट में शामिल जगतपिता ब्रह्मा मंदिर की सुरक्षा पर कभी भी खतरा मंडरा सकता है। दरअसल सरकार ने यहां तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या कम कर दी है। मंदिर परिसर के अन्दर व बाहर लगाए गए 11 पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया है। अब ब्रह्मा मंदिर में प्रतिदिन दर्शनों के लिए आने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं की जांच एक हैडकांस्टेबल के भरोसे है।

मंदिर की सीढिय़ों पर मेटल डिटेक्टर के पास प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं की गहन जांच करने, बैग की तलाशी लेने सहित संदिग्धों पर नजर रखने को लेकर दो शिफ्टों में 5 पुलिसकर्मी नियुक्त किए गए थे।

इसके अलावा मंदिर परिसर में 7 पुलिस कर्मी सतर्कता से पहरा दे रहे थे। अचानक मंदिर की सुरक्षा में तैनात 11 पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन में बुला लिया गया। अब सुरक्षा व जांच का जिम्मा हैडकांस्टेबल गोविन्द सिंह के भरोसे कर दी गई है।

मंदिर परिसर भी भगवान भरोसे

इसी तरह से ब्रह्मा मंदिर परिसर को भी भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। यहां पर मंदिर महंत के विवादित कक्ष सहित परिक्रमा व मुख्य गर्भगृह के पास लगाए गए सात पुलिस कर्मियों को भी हटा दिया गया है। नई व्यवस्था के बाद अब मंदिर के मुख्य द्वार पर आरएसी का एक दीवान तथा 8 सशस्त्र जवान डयूटी पर रह गए हैं।

हेडली कर चुका पुष्कर में रेकी

26/11 की प्लानिंग का मुख्य सूत्रधार और आतंकी डेविड कोलमेन हैडली करीब दस साल पहले पुष्कर में रहकर रेकी कर चुका है। वह पुष्कर में इजरायल के धार्मिक स्थल के सामने एक महीने तक रुक रहा। लेकिन सीआईडी, पुलिस और खुफिया एजेंसियों को भनक भी नहीं लग सकी।

हैडली ने देश के कई मंदिरों, मस्जिदों और सार्वजनिक स्थानों की प्लानिंग बनाई। उसका अन्तर्राष्ट्रीय जगत के कुख्यात आतंकियों से संपर्क भी रहा। इसके बावजूद खुद को चाक-चौबंद कहने वाला खुफिया विभाग और पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। हैडली के जाने के एक माह बाद सुरक्षा एजेंसियों को उसके पुष्कर में रुकने की जानकारी मिली।

Published on:
23 Nov 2017 08:40 am
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