राजस्थान लोक परिवहन सेवा की बसों को रोडवेज के केंद्रीय स्टैंड अजमेर से संचालित करने के विरोध में गुरुवार को बस स्टैंड पर कर्मचारियों ने बसों का चक्का जाम कर दिया। बसें नहीं चलने से रोडवेज को अजमेर में करीब 6 लाख रुपए का राजस्व नुकसान हुआ।
राजस्थान लोक परिवहन सेवा की बसों को रोडवेज के केंद्रीय स्टैंड अजमेर से संचालित करने के विरोध में गुरुवार को बस स्टैंड पर कर्मचारियों ने बसों का चक्का जाम कर दिया। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा माइक के जरिए उद्घोषणा करवा टिकट विंडो भी बंद करवा दी।
इससे बस स्टैंड पर अफरा-तफरी मच मई। अजमेर व अजयमेरु डिपो की बसों को कार्यशाला भेजा गया जबकि अन्य आगार की बसों तथा दूसरी प्रदेश की बसों को बस स्टैंड से बाहर निकाल दिया गया। देखते ही देखते दो मिनट में बस स्टैंड पर सन्नाटा पसर गया।
बसें नहीं चलने से रोडवेज को अजमेर में करीब 6 लाख रुपए का राजस्व नुकसान हुआ। बसों के जरिए लम्बी दूरी की यात्रा करने वाले तथा दैनिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज बस स्टैंड के बाहर खड़ी लोक परिवहन सेवा तथा निजी सवारी वाहनों के संचालकों ने जम कर सवारियां उठाई।
सुबह सांकेतिक बंद
जयपुर में सिंधी कैम्प बस स्टैंड पर लोक परिवहन सेवा को पुलिस के जरिए संचालित करने के विरोध तथा जयपुर के कर्मचारियों के समर्थन में अजमेर में रोडवेज कर्मचारियों ने सुबह दो घंटे का सांकेतिक बंद किया। इसके बाद कर्मचारियों ने आम सभा की रैली निकालते हुए लोक परिवहन सेवा का विरोध किया।
दोपहर दो बजे भारतीय मजदूर संघ के महेन्द्र सिंह, भोलानाथ आचार्य, आनंद सिंह नियाल, एटक यूनियन के हजारी लाल, अमर सिंह वर्मा,तथा इंटक यूनियन के बहादुर सिंह राठौड़ व नारायण आदि पदाधिकारियों की बैठक हुई इस दौरान चक्का जाम का निर्णय लिया।
जायरीन के लिए चली बसें
कर्मचारी संगठनों ने मोहर्रम के लिए कायड़ विश्रामस्थली से दरगाह तक संचालिता मेला स्पेशल बसों का संचालन नहीं रोका। ये बसें जायरीन को लेकर आती-जाती रहीं।