बीते साल 11 अक्टूबर से जारी है कामकाज पर रोक। एमडीएस यूनिवर्सिटी का हो चुका है हाल खराब।
अजमेर
राजस्थान हाईकोर्ट में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति मामले की सुनवाई 12 जुलाई को होगी। उन्हें कामकाज करने की अनुमति मिलेगी या नहीं इसको लेकर सबकी निगाहें टिकी हैं।
लक्ष्मीनारायण बैरवा की जनहित याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग की खंडपीठ ने बीते साल 11 अक्टूबर को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह को नोटिस जारी कर 26 अक्टूबर तक कामकाज पर रोक लगाई थी। इसके बाद न्यायालय ने रोक 1,16, 28 नवंबर, 3 दिसंबर और 11 और 29 जनवरी, 21, 25 एवं 27 फरवरी तथा 6 और 27 मार्च, 4, 12 अप्रेल और 12 जुलाई तक बढ़ाई थी। अब इस मामले की सुनवाई होगी।
हर काम में आ रही दिक्कत
कुलपति की गैर मौजूदगी से पिछले नौ महीने में विश्वविद्यालय की स्थिति चरमरा गई है। राजभवन ने लेखानुदान, वेतन-फिक्सेशन, परीक्षाओं और कुछ मामलों के निष्पादन के लिए डीन कमेटी को अधिकृत किया है। लेकिन कमेटी अहम फैसले नहीं ले सकती है।
अटके हुए हैं मामले
कुलपति के कामकाज पर रोक के चलते रूसा का 11 करोड़ का बजट लैप्स हो चुका है। इसके अलावा 1 साल से प्रबंध मंडल की बैठक नहीं हुई है। विश्वविद्यालय का नवां दीक्षान्त समारोह, शोध प्रवेश परीक्षा, प्रो. अग्रवाल मामले की जांच, कर्मचारियों, शिक्षकों, अधिकारियों को सातवां वेतनमान और अन्य मामले अटके हुए हैं।